पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि महिला लखनऊ की रहने वाली है। वह दो साल पहले किशोरी को अपने साथ लाई थी। किशोरी के माता-पिता नहीं हैं। उसके चाचा ने ही उसे यहां भेजा था। डरी सहमी किशोरी ने आपबीती पुलिस के समक्ष बया की है।
कोतवाली प्रभारी चंद्रचंद्राकर नैथानी ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। किशोरी के शरीर पर चोटों के निशान हैं। उसकी सही उम्र के संबंध में भी जानकारी जुटा रहे हैं। उसके चाचा से संपर्क किया जा रहा है। यदि किशोरी की उम्र कम पाई जाती है बालश्रम के तहत कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल किशोरी कोतवाली की बाल कल्याण अधिकारी एसआई पूजा पांडे की अभिरक्षा में है। मासूम को बेरहमी से पीटने के मामले के पीछे उस पर चोरी करने का आरोप लगाया जा रहा है। लेकिन पुलिस को यह बात हजम नहीं हो रही है। क्योंकि मासूम जब उन्हीं के ही घर में रहती थी फिर भला चोरी क्यों करेगी।