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Uttarakhand : कोमा और कोरोना के कन्फ्यूजन में आठ दिन तक नहीं हो पाया लावारिस शव का अंतिम संस्कार 

Fri, 22 Jan 2021 12:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कोमा और कोरोना को पढ़ने में हुई गलतफहमी के चलते आठ दिन तक एक लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। आठ दिन तक यह शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में ही पड़ा रहा। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों अंतिम संस्कार को लेकर एक दूसरे का इंतजार करते रहे। गुरुवार को स्थिति स्पष्ट होने पर पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कराया।

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जानकारी के अनुसार, लगभग आठ दिन पहले पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र से एक लावारिस व्यक्ति को अस्वस्थ हालत में पुलिस ने राजकीय जिला कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया था। एक दिन बाद लगभग 50 वर्षीय इस व्यक्ति की हालत खराब होने पर वह कोमा में चला गया। अगले दिन व्यक्ति की मौत हो गई।
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अस्पताल की ओर से डालनवाला कोतवाली पुलिस को भेजी गई पुलिस इनफॉरमेशन रिपोर्ट में व्यक्ति की कोमा में जाने से मौत होने की सूचना दी गई। साथ ही व्यक्ति के शिनाख्त के लिए शव को मोर्चरी में रखवा लिया गया।

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गुरुवार को किया शव का अंतिम संस्कार

उधर, पुलिस ने व्यक्ति की मौत कोरोना से होने के चलते उसकी कोई सुध नहीं ली। जिला अस्पताल ने दोबारा पुलिस को सूचना दी तो स्थिति स्पष्ट हुई। जिला कोरोनेशन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि कोरोना और कोमा लिखे होने के कन्फ्यूजन में शव का अंतिम संस्कार करने में देरी हुई।

डालनवाला कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि चूंकि, कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के शव का अंतिम संस्कार स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में होता है, इसलिए पुलिस अगले दिशा निर्देशों का इंतजार कर रही थी।

गुरुवार को स्थिति स्पष्ट होने पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि शव को डीप फ्रीजर से अलग भी रखा गया था।
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