डा. शर्मा ने कहा कि अल्प शिक्षित होने के कारण उन्हें न तो आयुर्वेद का कोई ज्ञान है और न ही एलोपैथ का। यदि रामदेव के पास कोरोना के सफल इलाज की कोई दवा है तो उसे सामने लाना चाहिए। वहां आईएमए के शाखा अध्यक्ष डा. एसके अग्रवाल भी थे।
डा. अरविंद शर्मा ने बताया कि आईएमए ने बाबा रामदेव की खुली बहस की चुनौती को स्वीकार कर उनकी ओर से उठाए गए सवालों पर बहस के लिए डॉक्टरों का एक पैनल गठित कर दिया है।
इसमें डा. बीएस जज, डा. अमित सिंह व डा. महेश कुमार देहरादून, डा. आरके सिंघल हरिद्वार, डा. सीएस जोशी खटीमा व डा. योगराज रुड़की को शामिल किया गया है। साथ ही रामदेव से कहा है कि वह पतंजलि योगपीठ के पंजीकृत आयुर्वेदाचार्यों की टीम गठित कर बहस का समय निर्धारित करें। टीम में वह खुद और उनके सहयोगी बालकृष्ण भी रह सकते हैं। ताकि गतिरोध दूर हो और भ्रम की स्थिति खत्म कर एलोपैथी और आयुर्वेद को लेकर सौहार्द का माहौल बन सके।