85 लोगों की हो चुकी मौत
प्रदेश में एक अप्रैल से नौ सितंबर तक प्राकृतिक आपदा में 85 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 94 लोग लापता हैं। 3726 मकानों को आंशिक 195 को गंभीर नुकसान पहुंचा। आपदा की चपेट में आने में 274 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए।
22% अधिक हुई है बारिश
राज्य में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। एक जून से नौ सितंबर तक 1299.3 एमएम बरसात हुई, जबकि सामान्य बारिश 1060.7 एमएम है। 22 प्रतिशत सामान्य से अधिक बारिश हुई है। अगर केवल एक सितंबर से नौ सितंबर तक की बात करें तो भी मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सामान्य से 67 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। ज्ञात हो कि हिमाचल, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर व लद्दाख, हरियाणा चंडीगढ़ दिल्ली से अधिक बारिश उत्तराखंड में होती है।
बारिश के पैटर्न में भी बदलाव
उच्च हिमालीय क्षेत्रों में बारिश के पैटर्न में बदलाव को देखने को मिला है। उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री और डोकरानी में वाडिया संस्थान अध्ययन कर रहा है। यहां पर उपकरण लगे हुए हैं। वाडिया संस्थान के निदेशक विनीत गहलोत कहते हैं कि हर्षिल में जिस दिन आपदा आयी थी, उस दिन वहां पर कुल 20 एमएम बरसात हुई जबकि डोकरानी ग्लेशियर है, वहां पर लगे उपकरणों में पांच गुना बारिश रिपोर्ट हुई।