हरीश रावत ने कहा कि जब वह मानव संसाधन मंत्री बने, तब मुझे बेहद प्रसन्नता हुई। मैंने अपनी खुशी जाहिर भी की। क्योंकि उत्तराखंड छोटा राज्य है। अब हमारे लिए राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने वाले गोविंद बल्लभ पंत देना संभव नहीं है, न हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी देना संभव है।
लेकिन निशंक मानव संसाधन मंत्री बने, यह एक बड़ी उपलब्धि थी। हम राजनीतिक प्रतिद्वंदी हैं। मुझे हरिद्वार से बेदखल करने के लिए निशंक हमेशा प्रयासरत रहे। मगर जिस समय सामूहिक गौरव की बात आती है तो उस समय यह सब बातें व्यक्तिगत राग-द्वेष, झगड़े राजनीतिक प्रतिस्पर्धाएं गौण हो जाती हैं।
जब निशंक के इस्तीफे का समाचार आया तो मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझसे कुछ छीन लिया हो। निशंक स्वस्थ रहें और जब यहां तक उन्होंने अवसर बनाया है तो वह आगे भी अवसर बना सकने की क्षमता रखते हैं।