हिमालयी राज्यों में जैव विविधता के साथ ही उसकी पारिस्थितिकी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी लोगों को दी जा सके। इसके लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से अनूठी पहल की गई है।
वन मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के तहत देश के तमाम हिमालयी राज्यों में हिम नेचर लर्निंग सेंटर की स्थापना की जा रही है। इन लर्निंग सेंटर को जहां हिमालय को नजदीक से समझने का केंद्र बनाया जा रहा है। वहीं, वन मंत्रालय का प्रयास है कि प्राकृतिक उत्पादों पर निर्भर स्थानीय समाज के हितों को देखते हुए यहां वे सभी गतिविधियां संचालित की जाएं जो उनके हितों और प्रकृति के सतत प्रबंधन में सहायक हो सकें।
वन मंत्रालय का प्रयास है कि हिम नेचर लर्निंग सेंटर के जरिये विभिन्न संरक्षण कार्यक्रमों का संचालन करने के साथ ही स्कूली छात्रों, स्थानीय ग्रामीणों, वन कर्मियों और वनस्पति विज्ञान से जुड़े अध्ययन कर्ताओं को हिमालय की प्रकृति पारिस्थितिकी जैव विविधता वन्यजीवों वनस्पतियों के संरक्षण के बारे में पूरी जानकारी दी जा सके।
छह राज्यों में स्थापित किए गए हिम नेचर लर्निंग सेंटर
पहले चरण में हिमाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम जैसे राज्यों में हिम नेचर लर्निंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। असम जैव विविधता बोर्ड की पहल पर गुवाहाटी में सेंटर स्थापित किया गया है। वहीं, मणिपुर में जूलॉजिकल गार्डन द्वारा केंद्र की स्थापना की गई है। जबकि, हिमाचल प्रदेश में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क साइरोपा कुल्लू में केंद्र की स्थापना की गई है। वन्यजीव प्रभाग हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा संचालित यह केंद्र 90 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
कई संस्थानों से ली जा रही मदद
हिम नेचर लर्निंग सेंटर स्थापित करने के लिए कई संस्थानों से मदद ली जा रही है। इसके लिए जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, बोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, हिमालयन वानिकी संस्थान शिमला, गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान का भी योगदान लिया जा रहा है।
बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क भी बनाए जाएंगे
हिम नेचर लर्निंग सेंटर्स में पुस्तकालय और संग्रहालय स्थापित करने के साथ ही बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, हिम नेचर लर्निंग सेंटर में विशेषज्ञों द्वारा हिमालय की उत्पत्ति उसकी पारिस्थितिकी, जैव विविधता के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। साथ ही बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क भी बनाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड समेत देश के तमाम हिमालयी राज्यों में जैव विविधता, पारिस्थितिकी के साथ ही रोजगार के बेहतर अवसर सृजित किया जा सके। इसके लिए तमाम राज्यों में हिम नेचर लर्निंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। फिलहाल पहले चरण में हिमाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम जैसे राज्यों में केंद्रों को स्थापित किया गया है। जबकि अगले चरणों में उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- किरीट कुमार, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय हिमालय अध्ययन मिशन