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उत्तराखंड: आपदा राहत के लिए गढ़वाल और कुमाऊं में हेलीकॉप्टर तैनात

Tue, 06 Jul 2021 09:06 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर गढ़वाल और एक कुमाऊं में तैनात किया गया है। यह तैनाती सितंबर तक रहेगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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मानसून सीजन में आपदा राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। यह हेलीकॉप्टर सितंबर तक तैनात रहेंगे। वहीं, दुर्गम क्षेत्र के लोगों को हेलीसेवा भी उपलब्ध होगी।

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अपर सचिव नागरिक उड्डयन एवं सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर गढ़वाल और एक कुमाऊं में तैनात किया गया है। यह तैनाती सितंबर तक रहेगी। सामान्य तौर पर हेलीकॅाप्टर गौचर, चमोली और धारचूला, पिथौरागढ़ में तैनात रहेंगे।

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जिन्हें जरूरत पर किसी भी जिले में अभियान पर लगाया जा सकेगा। दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को रियायती दर पर हेलीसेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत 30 मिनट तक यात्रा के लिए प्रतिव्यक्ति 3100 रुपये देने होंगे।

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गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सीसीटीवी से जुड़े

मास्टर प्लान से विकसित हो रहे केदारनाथ धाम की तर्ज पर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री व यमुनोत्री धाम भी सीसीटीवी से जुड़ गए हैं। दोनों धामों के सीसीटीवी कैमरों से जुड़ने से आपदा के दौरान धामों की सुरक्षा के साथ पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी में मदद मिलेगी। 

डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जिले में दोनों धामों की सुरक्षा के मद्देनजर 13 सीसीटीवी लगाए गए हैं। इससे आपदा के दौरान गंगा एवं यमुना नदी के जलस्तर पर नजर रखने में मदद मिलेगी। साथ ही दोनों धामों में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की भी निगरानी की जा सकेगी।

यमुनोत्री धाम में 4 और गंगोत्री धाम में 9 सीसीटीवी लगाए गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए कैमरों से पल-पल की सजीव फुटेज मिलनी शुरू हो गई है। फुटेज की नियमित निगरानी जिला कार्यालय व आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से की जा रही है। 
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