फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: हाईकोर्ट में शक्तिमान घोड़े की मौत के मामले में हुई सुनवाई, निर्णय रखा गया सुरक्षित

Wed, 04 Dec 2024 10:25 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल

सार

23 अप्रैल 2016 को पुलिस ने गणेश जोशी को आरोपी बनाया और देहरादून के नेहरू काॅलोनी थाने में मुकदमा भी दर्ज किया। इसके बाद 16 मई 2016 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई।
विज्ञापन
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नैनीताल हाईकोर्ट में शक्तिमान घोड़े की मौत के आरोपियों को सजा दिलाए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

विज्ञापन


मामले के अनुसार होशियार सिंह बिष्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जिला अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें निचली अदालत ने गणेश जोशी को दोषमुक्त कर दिया था। साथ ही कहा था कि याचिकाकर्ता होशियार सिंह बिष्ट न तो शिकायतकर्ता है और न ही गवाह। याचिका में कहा गया कि 2016 में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की लाठी से गणेश जोशी ने घोड़े की टांग पर हमला किया और बाद में घोड़े की मौत हो गई।

Roorkee: आईआईटी में राजस्थान के छात्र की संदिग्ध हालात में मौत, कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में 23 अप्रैल 2016 को पुलिस ने गणेश जोशी को आरोपी बनाया और देहरादून के नेहरू काॅलोनी थाने में मुकदमा भी दर्ज किया। इसके बाद 16 मई 2016 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। इसी बीच सरकार बदली तो सरकार ने सीजेएम कोर्ट से केस वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया। 23 सितंबर 2021 को निचली अदालत ने गणेश जोशी को बरी कर दिया और अपीलीय कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के निर्णय को निरस्त करने के साथ गणेश जोशी व अन्य को सजा दिलाए जाने की मांग की है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें