स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए जरूरत पढ़ने पर दो पालियों में कक्षाएं चलाई जा सकती हैं। जिन छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्कूल बुलाया जाएगा। यदि कोई छात्र ऑनलाइन पढ़ना चाहता है तो उसे सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की होगी।
हर स्कूल में नोडल अधिकारी होंगे नामित
प्रत्येक स्कूल में कोविड -19 के संक्रमण को देखते हुए संबंधित स्कूल की ओर से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। जो सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड प्रोटोकाल संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन के लिए उत्तरदायी होगा।
यदि स्कूल में छात्रों, शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ के बीच संक्रमण की स्थिति पैदा होती है तो इससे जिला प्रशासन को अवगत कराने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी की होगी। आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने जिले में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
वहीं, स्कूल में प्रवेश एवं छुट्टी के समय मेन गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। यह भी देखना होगा कि सभी कक्षाओं के छात्रों की छुट्टी एक साथ न कर अलग-अलग कक्षाओं की छुट्टी अलग-अलग समय पर की जाए।
आवासीय स्कूलों की संबंधित विभाग करेंगे एसओपी जारी
प्रदेश के आवासीय स्कूलों के लिए केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी। शिक्षा विभाग के सरकारी आवासीय स्कूलों के लिए शिक्षा महानिदेशक एवं अन्य के लिए संबंधित विभाग एसओपी जारी करेंगे।