राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला राजकीय कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में सोमवार से ओपीडी सुबह आठ बजे खुलनी शुरू हो गई है। ओपीडी दोपहर दो बजे तक चलेगी।
सर्दियों में ओपीडी के खुलने का समय सुबह नौ बजे से शाम तीन बजे तक रहता है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोषा सयाना ने बताया कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत की ओर से इस संबंध में सभी डॉक्टरों और अन्य कर्मियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उपनल कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मरीजों की परेशानी
वहीं कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जहां विभिन्न विभागों में व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं, वहीं इसका सबसे ज्यादा असर दून अस्पताल पर पड़ रहा है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपनल और पीआरडी के माध्यम से लगभग 500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से कई डॉक्टर, पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
उपनल वाले समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। वहीं, कोरोना काल में पीआरडी के माध्यम से दून अस्पताल में लगे कर्मचारियों ने उनकी सेवा समाप्त करने के विरोध में लगभग एक हफ्ते पहले से ही हड़ताल शुरू कर दी थी। इनमें से लगभग 250 कर्मचारियों की सेवा रविवार को समाप्त हो चुकी है।
करीब 100 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त कर दी जाएंगी। अभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन इस समस्या से निजात पाने की रणनीति बना ही रहा है कि अब सफाईकर्मियों ने भी ठेका प्रथा के विरोध में सोमवार से हड़ताल पर जाने की चेेतावनी दी है। जिससे दून अस्पताल में पर्चे बनाने से लेकर विभिन्न पैथोलॉजी जांच कराने, भर्ती मरीजों की देखभाल और सफाई व्यवस्था चरमराने की संभावना है।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि जरूरी वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कर्मचारियों को समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है। कोरोना काल में हड़ताल से कई तरह की चुनौतियां हैं। ऐसे में इस वक्त सभी की मदद की दरकार है।