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उत्तराखंड : नहीं रहे गंगोत्री उत्तरकाशी के लोकप्रिय विधायक गोपाल रावत, कैंसर से थे पीड़ित

Thu, 22 Apr 2021 06:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी

सार

चालीस वर्षों तक सक्रिय राजनीति में रहे गोपाल रावत, छात्रसंघ अध्यक्ष, पालिका सभासद, ब्लाक प्रमुख और विधायक के तौर पर दी सेवाएं, निधन की सूचना मिलते ही जिले में दौड़ी शोक की लहर।
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गंगोत्री विधायक गोपाल रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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गंगोत्री विधायक गोपाल रावत का गुरुवार को देहरादून में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे और बीते दिसंबर माह से उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से जिले में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके पार्थिव शरीर को उत्तरकाशी लाया जा रहा है। शुक्रवार को केदारघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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छात्र जीवन से ही समाजसेवा में सक्रिय रहे गोपाल रावत ने वर्ष 1984 में पीजी कालेज उत्तरकाशी में छात्र संघ अध्यक्ष बनने के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की। इसके बाद वे उत्तरकाशी नगर पालिका में सभासद चुने गए। इस दौरान उन्होंने पूर्व काबीना मंत्री बलदेव सिंह आर्य के साथ पीआरओ के तौर पर सेवाएं दीं।

वर्ष 1996 में गोपाल रावत डुंडा प्रखंड के ब्लाक प्रमुख चुने गए। वर्ष 2002 तक ब्लाक प्रमुख के तौर पर राजनीति में सक्रिय रहने के बाद वर्ष 2005 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और वर्ष 2007 में गंगोत्री विधानसभा से विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने वर्ष 2017 के चुनाव में रिकार्ड मतों से जीत हासिल की।
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डुंडा प्रखंड के ढुंगालगांव धनारी निवासी एडवोकेट कुंदन सिंह रावत के पुत्र गोपाल रावत का जन्म 24 फरवरी 1959 को हुआ था। महज 62 वर्ष के जीवन काल में चालीस सालों तक सक्रिय राजनीति में रहे गोपाल रावत ने हमेशा क्षेत्र हित में कार्य किया। दूसरे विधायक कार्यकाल में उन्होंने बड़ी संख्या में सड़क से अछूते गांवों के लिए सड़कें स्वीकृत कराईं।

क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों, मृदुभाषी, मिलनसार तथा स्पष्टवादी छवि के कारण वह क्षेत्र की जनता में खासे लोकप्रिय रहे। बीते दिसंबर माह से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें नसों से संबंधित दिक्कत के साथ ही कैंसर था। मुंबई में लंबे इलाज के बाद वे बीते दो माह से देहरादून में ही उपचार करा रहे थे।

गुरुवार को देहरादून स्थित गोविंद अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले में शोक व्याप्त है। विधायक गोपाल रावत अपने पीछे पत्नी, दो बेटी और एक पुत्र समेत भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पार्थिव शरीर को उत्तरकाशी लाकर शुक्रवार को केदारघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गंगोत्री विधायक के निधन पर जताया शोक

भारतीय जनता पार्टी से गंगोत्री के विधायक गोपाल सिंह रावत के आकस्मिक निधन पर विधानसभा अध्यक्ष ने गहरा शोक व्यक्त किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने गंगोत्री विधायक के निधन को उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। 

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