भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखी राम जोशी को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। जोशी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पदमुक्त करने की मांग को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख दिया था।
उनके इस कदम को पार्टी ने अनुशासनहीनता माना है। भगत ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सात दिन में यदि उनका संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है तो उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखी राम जोशी का मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलना भारी पड़ गया। जोशी ने पीएम नरेंद्र मोदी को जो पत्र लिखा, उसकी भाषा शैली को पार्टी ने बहुत गंभीरता से लिया और इसे अनुशासनहीनता माना। अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब जोशी पर निष्कासन की तलवार लटक गई है। सात दिन के भीतर यदि उन्होंने जवाब नहीं दिया या उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उन्हें पार्टी बाहर का रास्ता दिखा देगी।
उधर, जोशी ने पार्टी की इस कार्रवाई को एकतरफा करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में निलंबन की एक प्रक्रिया है। पार्टी पहले नोटिस देती है और उसके बाद कार्रवाई करती है लेकिन पार्टी ने मुझे पहले निलंबित कर दिया और उसके बाद नोटिस देने की जानकारी मिली है। अभी मुझे नोटिस भी नहीं मिला है।
पार्टी में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए कोई भी कार्यकर्ता चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसको अनुशासनहीनता के मामले में कोई रियायत नहीं दी जा सकती। यदि किसी के मन में कोई विषय है तो वे सीधा मुझसे कहे। वह उस विषय को उचित स्तर पर ले जाएंगे लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
- बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा