रुड़की में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने के बाद दून में भी अब खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क होने के दावे कर रहा है। हालांकि, त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद भी विभाग ने अब तक कार्रवाई शुरू नहीं की है।
रुड़की में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने के बाद 50 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने पर दून में विभाग के अधिकारी सकते में हैं। दरअसल, कुट्टू को फल माने जाने की वजह से व्रत के समय कई लोग इसके आटे से बनी चीजें खाते हैं। शारदीय नवरात्र व्रत के चलते कुट्टू के आटे की बिक्री बढ़ना स्वाभाविक है।
जिला अभिहित अधिकारी जीसी कंडवाल ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर उन्हें कुट्टू के आटे समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने के निर्देश दिए हैं। इनमें एक टीम विकासनगर व सहसपुर, दूसरी ऋषिकेश व डोईवाला और तीसरी देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अभियान चलाएगी। जिला अभिहित अधिकारी का कहना है कि विभागीय टीमें सोमवार से शहर व आसपास अभियान चलाएंगी।
क्या है कुट्टू
कुट्टू को पहाड़ी बोली में ओगल भी कहा जाता है। इंग्लिश में इसे बकवीट कहते हैं। कुट्टू में पर्याप्त मात्रा में आयरन, सेलीमन व ग्लूटन होता है। कुट्टू का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह फाइबर और मिनरल से भरपूर होता है।
इन बातों का रखें ख्याल
- खुले में रखा आटा न लें
- अगर आटे में फंगस लगी है तो उसे न लें
- अपने किसी परिचित या जानने वाले दुकानदार से ही लेने की कोशिश करें
- आटे में थोड़ा भी नमी लगे तो इसका इस्तेमाल न करें
- इसे खाने से अगर थोड़ा भी तबीयत खराब लगे तो इसे खाना बंद कर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।