राज्य के पांच और निजी आयुष कॉलेजों को मान्यता मिल गई है। इसे देखते हुए उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने काउंसिलिंग के कार्यक्रम में बदलाव किया है। प्रदेश में तीन सरकारी आयुर्वेद कॉलेज हैं। जबकि 16 निजी कॉलेज हैं। इनमें 13 आयुर्वेदिक, दो होम्योपैथिक व एक यूनानी कॉलेज शामिल है।
आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुरेश चौबे ने बताया कि निजी कॉलेजों में उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज, दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, मदरहुड आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड रिसर्च और मंजीरा देवी आयुर्वेदिक कॉलेज को मान्यता मिल गई है।
इन्हें भी द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में शामिल कर लिया गया है। अभ्यर्थी अब 19-20 फरवरी को विकल्प भर पाएंगे। जबकि सीट आवंटन 22 फरवरी को किया जाएगा। आवंटित सीट पर अभ्यर्थी 23-24 फरवरी तक दाखिला ले पाएंगे।
दो कॉलेज सशर्त काउंसिलिंग में शामिल
कुलसचिव ने बताया कि दो और कॉलेजों को द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में सशर्त शामिल किया गया है। इनमें हरिद्वार आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज व उत्तरांचल यूनानी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश व सीसीआइएम से प्राप्त दिशा-निर्देश के आधार पर काउंसिलिंग में शामिल किया गया है।
मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन खुश
उत्तराखंड मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. अश्वनी कांबोज ने आयुष मंत्रालय व सीसीआईएम का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस साल कोरोना महामारी के चलते आयुष का सत्र देरी से हुआ है।
हर साल 30 अक्तूबर तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी, पर इस बार नया सत्र मार्च-2021 से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि कुछ कॉलेजों की मान्यता अभी नहीं आई है। इन्हें भी जल्द ही मान्यता मिल जाएगी। आयुष मंत्रालय को पत्र भेज यह मांग की जाएगी कि रिक्त सीटों के लिए अलग से काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाए।