सिटीजन फॉर ग्रीन दून की कोर मेंबर जया सिंह का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण को तहस-नहस करके विकास नहीं किया जा सकता है। रिंग रोड के विस्तारीकरण को लेकर 2200 पेड़ों को काटा जाना है जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इतनी अधिक संख्या में पेड़ों के काटे जाने से इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ेगा।
जोगीवाला से लेकर सहस्त्रधारा चौराहे तक जो विस्तारीकरण किया जाना है उसकी आवश्यकता ही नहीं है। वर्तमान में जो सड़क है वह यातायात के दबाव को सहन के लिए काफी है। लेकिन सरकार और शासन में बैठे आला अधिकारी सड़क का विस्तारीकरण करके पेड़ों को काटकर पर्यावरण को तहस नहस करना चाहते हैं। जो किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
जया सिंह ने कहा कि आंदोलन के तहत तमाम पर्यावरणविद और कार्यकर्ताओं ने इको फ्रेंडली पोस्टर बैनर के साथ प्रदर्शन किया और पेड़ों में मौली बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
जोगीवाला से सहस्त्रधारा चौराहे तक रिंग रोड का विस्तारीकरण किया जाना है। जिसके लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से इन पेड़ों को भी चिन्हित किया गया है। जो विस्तारीकरण की जद में हैं, लेकिन अभी तक इन पेड़ों को काटे जाने के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार, शासन और वन मुख्यालय के स्तर से जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाष वर्मा, उप प्रभागीय वन अधिकारी, मसूरी