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उत्तराखंड: रायवाला में मोतीचूर रेलवे ट्रैक के पास हाथी के बच्चे की ट्रेन से कटकर मौत, मालगाड़ी से हुआ हादसा

Sat, 27 Nov 2021 07:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, रायवाला

सार

मोतीचूर रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया हरिद्वार से आ रही मालगाड़ी से हादसा हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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रायवाला के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से शिशु हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। छह हाथियों के झुंड से बिछड़ने के बाद रेलवे ट्रैक पर आ जाने से हादसा हुआ। इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद भी हाथी का शिशु 20 मीटर दूर इंजन के साथ घसीटता हुआ गया। लोको पायलट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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मालगाड़ी की टक्कर से शिशु हाथी की मौत
देहरादून-हरिद्वार रेल ट्रैक पर मोतीचूर फाटक के पास हाथी अंडर पास पर मालगाड़ी की टक्कर से शिशु हाथी की मौत हो गई। घटना शनिवार देर रात 1:30 मिनट पर घटी। राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी ने बताया रेलवे ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी से टकराने के बाद शिशु हाथी की मौत हो गई। मृत शिशु नर हाथी की उम्र करीब पांच साल थी। छह हाथियों का कुनबा डेढ़ बजे रात्रि रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। झुंड में तीन शिशु हाथी भी शामिल थे। बताया कि ट्रैक पार करने के बाद शिशु नर हाथी दोबारा से ट्रैक पर लौट आया। जिसके बाद वह मालगाड़ी की चपेट में आ गया।

मालगाड़ी से टकराने के बाद शिशु हाथी मालगाड़ी के इंजन के साथ 20 मीटर तक घसीटता हुआ गया। जिसके बाद शिशु हाथी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ट्रैक पर हादसा होने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। हाथी के टकराने के बाद मालगाड़ी सुबह चार बजकर 10 मिनट के बाद वहां से आगे बढ़ी। जिसके कारण ट्रैक से गुजरने वाली अन्य ट्रेन भी देरी से चली। मौके पर पहुंचे पार्क डिप्टी डायरेक्टर महिपाल सिंह सिरोही ने घटनास्थल का जायजा लिया। वन्यजीव प्रतिपालक एलपी टम्टा की मौजूदगी में डॉ. अमित ध्यानी, डॉ. दिप्ती अरोड़ा ने शिशु हाथी का पोस्टमार्टम किया गया।
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पार्क और रेलवे पायलट के बयान में विरोधाभास

मालगाड़ी से टकराने के बाद शिशु हाथी की मौत पर जिम्मेदार अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास नजर आ रहा है। मालगाड़ी के लोको पायलट और वन अधिकारी घटना को लेकर अलग बयानबाजी कर रहे हैं। देर रात, हरिद्वार से हर्रावाला जा रही मालगाड़ी से पांच वर्षीय शिशु नर हाथी की मौत हो गई थी। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी के मुताबिक छह हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। हाथियों के झुंड में तीन शिशु हाथी भी शामिल थे। रेलवे ट्रैक पार करने के बाद शिशु नर हाथी दोबारा से ट्रैक की तरफ लौटने लगा। जिसके बाद शिशु हाथी मालगाड़ी से जा टकराया। जिसके बाद नर हाथी की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं मालगाड़ी के लोको पायलट मनोज मीणा के मुताबिक वह हॉर्न बजाते हुए मालगाड़ी को चला रहे थे। मालगाड़ी 32 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही थी। उन्होंने देखा अचानक झाड़ियों से निकलकर एक शिशु हाथी रेलवे ट्रैक पर आ गया है। इसी बीच मनोज ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। उनके मुताबिक शिशु हाथी अकेला था। वह देर रात एक बजकर 30 मिनट से तड़के 4:10 बजे तक रेलवे ट्रैक पर ही रहे। इस बीच अन्य हाथी उन्हें नही दिखाई दिए। उधर, रेंज अधिकारी ने बताया लोको पायलट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

30 हाथियों की जान ले चुका देहरादून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक
हरिद्वार-देहरादून रेलवे ट्रैक पर तेजी से दौड़ रही ट्रेन गजराज की जान ले रही है। वन विभाग और रेलवे की लापरवाही के कारण साल 1987 से अब तक 30 हाथी अपनी जान गंवा चुके हैं।  वर्ष 1987 से 2021 तक ट्रेन से कटकर 30 हाथियों की जान जा चुकी है। वर्ष 2000 से 2001 में चार हाथियों की मौत हो गई थी। 2002 ये 2003 के बीच चार हाथियों की जान चली गई। 2009 व 2017 में दो हाथियों ने दम तोड़ा।

फरवरी 2018 में देहरादून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक के कांसरों रेंज पर ट्रेन से कटकर एक शिशु हाथी की मौत। मार्च 2018 में ही रायवाला और मोतीचूर के पास ट्रेन से कटकर अल-अलग हादसों में दो मादा हथिनी की मौत हो गई थी। 2019 में नई दिल्ली से दून आ रही नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो नर हाथियों की मौत हो गई थी। 2019 में ट्रेन की चपेट में आने से एक शिशु हाथी व एक मादा हथिनी की मौत हो गई थी। शनिवार देर रात भी एक शिशु हाथी की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो गई।
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