अब इस प्रस्ताव पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। करीब 600 मेगावाट की यह परियोजना होगी, जिसमें से आधी बिजली पर पहला हक यूपीसीएल का होगा। अगर यूपीसीएल इस बिजली को लेने से इंकार करेगा तो ही यह बाजार में बेची जा सकेगी। शाम को पीक आवर्स में अपेक्षाकृत कम दाम पर बिजली मिलने से यूपीसीएल को बड़ी राहत मिल जाएगी।
दिन में पंप स्टोरेज का प्लांट सौर ऊर्जा से चलता है, जिससे नीचे का पानी ऊपर के वाटर हाउस में पहुंचाया जाता है। फिर शाम को पीक आवर्स में ऊपर से नीचे पानी छोड़कर बिजली पैदा की जाती है। टीएचडीसी ने भी राज्य में 1000 मेगावाट का पंप स्टोरेज प्लांट बनाया है, जिसका इन दिनों ट्रायल चल रहा है।
जिंदल समूह का प्रस्ताव आ चुका है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। अल्मोड़ा में पंप स्टोरेज प्लांट से करीब 600 मेगावाट बिजली पैदा होगी, जिसमें से आधी पर सीधे तौर पर यूपीसीएल का हक होगा।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ऊर्जा