इस बढ़ोतरी को लेकर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर नियामक आयोग ने प्रदेशभर में जनसुनवाई की। इसके अलावा सभी हितधारकों से भी बातचीत करके सुझाव लिए। यह दरें एक अप्रैल से लागू की जानी थीं, लेकिन इससे पहले ही लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई।
19 अप्रैल को राज्य में लोस चुनाव संपन्न होने के बाद नियामक आयोग ने चुनाव आयोग से नई विद्युत दरें जारी करने को लेकर निर्देश मांगे थे। नियामक आयोग के सचिव नीरज सती ने बताया, चुनाव आयोग ने अनुमति दे दी है। अब वह तैयारी कर रहे हैं। इस सप्ताह के अंत तक नई दरों की घोषणा की जा सकती है, जो एक अप्रैल से लागू मानी जाएंगी।