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Uttarakhand: उपभाेक्ताओं को झटका, 50 प्रतिशत महंगी हो सकती है बिजली, UPCL ने आयोग से 5900 करोड़ मांगे

Tue, 30 Jun 2026 11:30 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड के गठन के बाद दोनों राज्यों के बीच बिजली विभाग की परिसंपत्तियों और देनदारियों का बंटवारा किया गया था।
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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में बिजली 50 प्रतिशत तक महंगी हो सकती है। यूपीसीएल ने यूपी से बंटवारे के एवज में ट्रांसफर स्कीम के तहत 5900 करोड़ रुपये की मांग की याचिका उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में दायर कर दी है। याचिका पर नियामक आयोग ने हितधारकों से 27 जुलाई तक सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद आयोग इस पर सुनवाई करेगा।

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वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड के गठन के बाद दोनों राज्यों के बीच बिजली विभाग की परिसंपत्तियों और देनदारियों का बंटवारा किया गया था। यूपीसीएल की याचिका के अनुसार, 12 अक्तूबर 2003 को यूपीपीसीएल और यूपीसीएल के बीच हस्ताक्षरित ट्रांसफर स्कीम के तहत 1,058.18 करोड़ रुपये की सकल अचल संपत्ति (जीएफए) यूपीसीएल को हस्तांतरित की गई थी।

यूपीसीएल का आरोप है कि नियामक आयोग ने अब तक गणना में केवल 508 करोड़ रुपये की संपत्ति को ही आधार माना है, जिससे कंपनी को पिछले 24 वर्षों में भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। यूपीसीएल ने इन वर्षों में न मिले डेप्रिसिएशन (मूल्यह्रास), इक्विटी पर रिटर्न और ब्याज के रूप में कुल 5,900.01 करोड़ रुपये (कैरिंग कॉस्ट सहित) की मांग की है।
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शासन के निर्देशों पर दायर हुई याचिका
यूपीसीएल प्रबंधन के अनुसार, इस मामले को सुलझाने के लिए बोर्ड की 126वीं बैठक में चर्चा की गई थी। इसके बाद उत्तराखंड सरकार के ऊर्जा विभाग ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत नियामक आयोग को निर्देश दिए कि वह जनहित और कंपनी की वित्तीय स्थिति को देखते हुए इस दावे का परीक्षण करे। सरकार के निर्देश के बाद ही यह औपचारिक याचिका दायर की गई है।

50 प्रतिशत महंगी हो जाएगी बिजली
कंपनी का मानना है कि इस लंबित मामले के निस्तारण से यूपीसीएल की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, निगम ने यह भी स्वीकार किया है कि आयोग ने इस दावे को स्वीकारा तो इससे उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यूपीसीएल ने मूल दावा (एआरआर) 936.37 करोड़ रुपये, कैरिंग कॉस्ट 4,963.65 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 5,900.01 करोड़ रुपये की मांग रखी है।
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