उत्तराखंड में 135 और स्कूलों को अटल उत्कृष्ट स्कूल बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सोमवार को योजना के तहत दूसरे चरण में शामिल किए गए इन स्कूलों की सूची जारी की। मंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में इन स्कूलों का चयन किया गया है। यदि सीबीएसई मानकों को पूरा करने वाला कोई स्कूल छूट गया है, तो जनता की सलाह पर उस स्कूल को अटल उत्कृष्ट स्कूलों की सूची में शामिल किया जाएगा।
विधान सभा स्थित कक्ष में मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि अटल उत्कृष्ट स्कूलों के पीछे सरकार की जो मंशा थी उसे जनता ने स्वीकारते हुए इस योजना पर विश्वास किया है। जिसे देखते हुए पहले चरण में 189 स्कूलों को अटल उत्कृष्ट स्कूल बनाए जाने के बाद अब 135 स्कूलों को अटल उत्कृष्ट स्कूल बनाया जा रहा है ताकि आने वाले समय में अन्य बच्चों को सुविधा मिले।
मंत्री ने बताया कि पहले चरण के अटल उत्कृष्ट स्कूलों में 180 स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता मिल चुकी है। जबकि अन्य स्कूलों के सीबीएसई के मानक पूरे न होने से इन्हें अभी मान्यता नहीं मिल पायी है। मानकों के पूरा होने पर इन स्कूलों को भी सीबीएसई की मान्यता मिल सकेगी।
इन जिलों के इतने अन्य स्कूल बनेंगे अटल उत्कृष्ट स्कूल
अल्मोड़ा जिले के 21, बागेश्वर के चार, चमोली 15, चंपावत के पांच, देहरादून के 15, हरिद्वार के आठ, नैनीताल के 15, पौड़ी के 23, पिथौरागढ़ का एक, रुद्रप्रयाग के तीन, टिहरी के पांच, ऊधमसिंह नगर के आठ एवं उत्तरकाशी जिले के 12 स्कूल शामिल हैं।
देहरादून में इतने अन्य स्कूल बनेंगे अटल उत्कृष्ट स्कूल
डोईवाला ब्लॉक में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, जीआईसी खदरी खड़कमाफ, जीआईसी कोटी भानियावाला, चकराता में जीआईसी क्वांसी चकराता, विकासनगर ब्लॉक में जीआईसी हरबर्टपुर, जीआईसी होरावाला, सहसपुर ब्लॉक में जीजीआईसी कौलागढ़, जीआईसी मिसराज पट्टी, जीआईसी गजियावाला, जीआईसी पौंधा सहसपुर, जीआईसी छरबा, रायपुर का जीआईसी मालदेवता, जीआईसी भगद्वारीखाल एवं कालसी का जीआईसी लखवाड़ एवं जीआईसी पजिटीलानी को अटल उत्कृट स्कूल बनाया जाएगा।