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हुनर हाट: हुनर से कमा रहे पैसा और पहचान, मुस्कान और बंटी की कला का हर कोई मुरीद

Sun, 31 Oct 2021 03:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुस्कान के पिता कारपेंटर और बंटी के पिता इलेक्ट्रिशियन हैं। दोनों युवाओं की माताएं गृहिणी हैं। बतौर मुस्कान पढ़ाई के साथ ही हमें अपने हुनर से रोजगार मिल रहा है।
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बंटी और मुस्कान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपनी कला से पत्थरों में जान फूंकने के साथ ही युवा लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला रहे हैं। युवाओं की इस प्रतिभा को देखने के लिए रेसकोर्स में आयोजित हुनर हाट के स्टॉल पर लोगों की खूब भीड़ जुट रही है।

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महज 20 साल की मुस्कान और 21 साल के बंटी दिल्ली जामिया यूनिवर्सिटी में बीएफए (बैचलर इन फाइन आर्ट्स) का कोर्स कर रहे हैं। परिवार का हाथ बंटाने और अपने पैशन से नाम कमाने की चाह लेकर मुस्कान पहली बार घर से बाहर किसी प्रदर्शनी में पहुंची हैं। लोगों से मिल रहा प्यार देख मुस्कान का हौसला बढ़ रहा है। पेंटिंग का हुनर उन्हें रोजगार के साथ ही पहचान भी दे रहा है।

लोग यहां दोनों युवाओं से अपनी और अपने परिवार की तस्वीरें बनवा रहे हैं। मुस्कान का कहना है कि यहां स्कैचिंग आम बात हो गई है, लेकिन हमारे पास जो डिमांड आ रही है, उससे एक नया ही ट्रेंड यहां से शुरू हो गया है। स्टोन पेंटिंग, पीकॉक पेंटिंग, पीजन पेंटिंग की मांग सबसे ज्यादा है।
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इसे बनाने में ज्यादा वक्त लगने के साथ ही मेहनत भी बहुत लगती है। कपल और युवाओं के अलावा बेबी की स्टोन पेंटिंग लोग सबसे ज्यादा बनवा रहे हैं। बंटी ने बताया कि उनके पास न सिर्फ स्टॉल पर बल्कि घर पर वॉल पेंटिंग के लिए लोग डिमांड दे रहे हैं। दोनों युवा अब उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों के साथ ही पहाड़ की संस्कृति से जुड़ी पेंटिंग भी बनाते हैं। 

सहस्त्रधारा में नदी के पास तराशे पत्थर
उत्तराखंड हुनर हाट में पहुंचते ही मुस्कान और बंटी सहस्त्रधारा पहुंचे। मुस्कान ने बताया कि यहां नदी किनारे हमने बहुत सारे पत्थर तराशे, जिन पर अब हम लोगों की डिमांड के अनुसार पेंटिंग बना रहे हैं। पत्थरों पर लोग खासतौर से अपनी तस्वीर बनाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बंटी ने बताया कि पेंटिंग के लिए हमें जिस तरह के पत्थर चाहिए यहां हमें मिल गए। बताया कि यहां के पत्थर बेहद चमकदार और खास हैं। 

250 से 700 रुपये में बन जाती है पेंटिंग
मुस्कान ने बताया कि एक घंटे में वह स्कैच तैयार कर देती हैं, लेकिन पिकॉक फैदर या पिजन फैदर पेंटिंग में ज्यादा समय और बहुत मेहनत लगती है, लेकिन उन्हें अपनी पेंटिंग के दाम ज्यादा नहीं रखे हैं। यही भी वजह है कि लोगों को इतने कम दाम में अपनी पसंद की खूबसूरत पेंटिंग मिल रही है। बंटी ने बताया कि वह 250 रुपये से लेकर 700 रुपये पेंटिंग के ले रहे हैं। 

अपने पैशन को कर रहे फॉलो, परिवार का बन रहे सहारा 
मुस्कान के पिता कारपेंटर और बंटी के पिता इलेक्ट्रिशियन हैं। दोनों युवाओं की माताएं गृहिणी हैं। बतौर मुस्कान पढ़ाई के साथ ही हमें अपने हुनर से रोजगार मिल रहा है। पेंटिंग मेरा हमेशा से पैशन रहा है। मुझे अपना भविष्य इसी क्षेत्र में बनाना है। इसलिए अभी से मेरी प्रैक्टिस भी हो रही है। बंटी ने बताया कि कॅरिअर की रूप में यह एक बेहतरीन फील्ड है। वह इससे पूर्व चिरबटिया में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में भी वॉल पेंटिंग कर चुके हैं।

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