कोरोना लॉकडाउन के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन तो बढ़ते रहे, लेकिन बेहद कम संख्या में डीएल बनाए गए। इस वजह से प्रतीक्षारत आवेदकों की संख्या 10 हजार पार हो गई थी। अब रोजाना लर्निंग और स्थायी मिलाकर करीब 250 लाइसेंस बनने शुरू हो गए हैं। पिछले एक महीने में डीएल का इंतजार कम होने लगा है।
झाझरा में नहीं बनेंगे ऋषिकेश और विकासनगर के डीएल
ऋषिकेश और विकासनगर के लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च आईडीटीआर झाझरा में नहीं बनेंगे। पिछले दिनों यह अफवाह फैली थी, जिसके बाद आरटीओ प्रशासन दिनेश चंद्र पठोई ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि झाझरा में केवल देहरादून के लोगों के ही डीएल बनेंगे।
दरअसल, आईडीटीआर झाझरा में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाला टेस्ट काफी मुश्किल है। आवेदक इस ऑनलाइन टेस्ट में जरा सी चूक पर भी सीधे फेल हो रहे हैं। ऐसे तमाम लोग भी हैं जो कि मुश्किल ड्राइविंग टेस्ट में कई-कई बार फेल होने के बाद पास हुए हैं। यह टेस्ट प्रक्रिया केवल देहरादून के लोगों के लिए लागू है।
प्रदेश के अन्य स्थानों पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया अभी तक नहीं अपनाई गई है। पठोई ने यह साफ कर दिया है कि ऋषिकेश और विकासनगर के लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस उनके क्षेत्र के कार्यालयों में ही पूर्व की भांति बनेंगे। फिलहाल उन्हें देहरादून में लाने की कोई योजना नहीं है।