नए नियमों के तहत धार्मिक आयोजन, लंगर के अलावा शादी-ब्याह जैसे समारोह में भोजन और मिठाई आदि बनाने के लिए भी हलवाई को फूड लाइसेंस बनाना होगा। इसके लिए उन्हें आवेदन करने पर एक दिन का फूड लाइसेंस जारी किया जाता है। जबकि नियमित तौर पर हलवाई का कार्य करने वाले दुकानदारों को स्थायी फूड लाइसेंस बनवाना होता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने भोजन व मिष्ठान की गुणवता और कई बार इससे होने वाली फूड प्वाइजनिंग की घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है।
इससे शादी व्याह में खाना बनाने वाले हलवाइयों को दिक्कत आएगी। विभाग को इसकी प्रक्रिया सरल करनी चाहिए। ऐसे में फूड लाइसेंस लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
-अनिल रावत
हमारा रेस्टोरेंट के साथ ही हलवाई का भी काम है। इसलिए रेस्टोरेंट के लिए तो फ़ूड लाइसेंस बनाया हुआ है। अगर फूड लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया सरल हो तो इसमें कोई समस्या नहीं आनी चाहिए।
-अरविंद जायसवाल
शादी विवाह के लिए फूड लाइसेंस संबंधित परिवार द्वारा बनाया जाना चाहिए। असंगठित क्षेत्र के हलवाई के पास इतना न तो समय है और न ही विभागीय ज्ञान की वह ऑनलाइन लाइसेंस बनाए या दफ्तरों के चक्कर काट सकें।
-घला सिंह
कई लोग शादी ब्याह में साफ सफाई का ध्यान नहीं रखते। फूड लाइसेंस बनाने के बाद इसकी क्या गारंटी है कि वह साफ सफाई का ध्यान रखेंगे। यह काम सिर्फ लाइसेंस बनाने तक ही सीमित नहीं, बल्कि इसकी जांच भी होनी चाहिए।
-लाल सिंह