अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
संस्कृति विभाग की निदेशक बीना भट्ट ने सचिव दिलीप जावलकर के खिलाफ शासन से शिकायत की है। निदेशक ने आरोप लगाया कि अक्तूबर 2017 से सचिव की ओर से उत्पीड़न किया जा रहा है। अपात्र लोगों को टेंडर और अन्य लाभ दिलाने के लिए कई तरह से दबाव बनाने के साथ डराया धमकाया जा रहा है। वहीं जावलकर ने आरोपों को आधारहीन बताया है।
#Uttarakhand: Director State Culture Dept Beena Bhatt has filed a complaint with Addnl Chief Secy Radha Raturi against Secy In-charge Dilip Jawalkar accusing him of passing indecent comments&harassment. Raturi has asked for a report on the matter. Jawalkar to submit his response.
— ANI (@ANI) February 24, 2021
निदेशक की ओर से कार्मिक विभाग को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया कि जावलकर पिछले कई सालों से उत्पीड़न कर रहे हैं। इसका वे विरोध भी करती आई हैं। उस कारण उनकी प्रोन्नति की फाइल ढाई साल तक दबाए रखी। आखिरकार उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
उच्च न्यायालय के आदेश पर उच्च अधिकारी की ओर से सात सितंबर 2020 को प्रोन्नति के आदेश जारी किए। इसके साथ ही 18 सितंबर 2020 को अपर सचिव स्तर के अधिकारी को महानिदेशक का दायित्व सौंपा गया। 22 सितंबर 2020 को महानिदेशक की तैनाती के आदेश भी जारी किए गए। नियमों के विपरीत अपात्र लोगों को टेंडर व अन्य लाभ दिलाने के लिए उन्हें डराया धमकाया जा रहा है।
निदेशक का आरोप है कि जब उच्चाधिकारी अपने काम कराने में असफल होने पर मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। इस संबंध में संस्कृति निदेशक बीना भट्ट से बात की गई तो उन्होंने शासन को शिकायत भेजने की पुष्टि की है, लेकिन आरोपों को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
वहीं, सचिव दिलीप जावलकर का कहना है शासन से शिकायत पर जवाब मांगा जाएगा तो पूरे तथ्यों के साथ इसका जवाब दिया जाएगा। जहां बात अपर सचिव स्तर के अधिकारी को महानिदेशक का दायित्व सौंपने की है, वह फैसला शासन और सरकार का है।