सीएनजी वाहन तो लाएं... पंप कैसे करेंगे आपूर्ति
सरकार बेशक दून की हवा को स्वच्छ बनाने की मंशा के साथ अनुदान योजना लेकर आई है, लेकिन इसके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। परिवहन विभाग भले ही सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने को लेकर नई नीति पर अमल करने जा रहा हो, लेकिन अगर पूरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ही सीएनजी और इलेक्टि्रक वाहनों के भरोसे हा गई तो कई चुनौतियां झेलनी होंगी। दून में अभी पांच सीएनजी पंप हैं, इनमें भी सीएनजी गैस टैंकरों से आती है। शहर की कारों को ही यहां से सीएनजी लेने के लिए लंबी कतार लगानी पड़ती है। ऐसे में अगर सैकड़ों नए वाहन आ गए तो काफी मुश्किल होगी। इसके लिए सरकार को बुनियादी ढांचा मजबूत करना होगा। नए सीएनजी पंप खोलने होंगे।
एक भी इलेक्टि्रक चार्जिंग स्टेशन नहीं, कैसे चार्ज होंगे वाहन
इलेक्टि्रक वाहनों के सामने और भी बड़ी चुनौती है। शहर में एक भी सरकारी इलेक्टि्रक चार्जिंग स्टेशन नहीं है। ऐसे में अगर विक्रम या सिटी बस संचालक इलेक्टि्रक वाहन की खरीद करना भी चाहें तो राह आसान नहीं होगी। शहर में कई विभाग इलेक्टि्रक चार्जिंग स्टेशन बनाने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन अभी तक एक भी स्टेशन बन नहीं पाया है।
सरकार ने अनुदान योजना लागू कर सालों पुरानी सिटी बस संचालकों की मांग को पूरा किया है। इसके निश्चित तौर पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
- विजय बर्द्धन डंडरियाल, अध्यक्ष सिटी बस यूनियन
सरकार ने विक्रम संचालकों के लिए भी अनुदान योजना लागू की है। संगठन की ओर से बैठक बुलाकर योजना के बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी, उसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। - संजय अरोरा, सचिव विक्रम जनकल्याण सेवा समिति