20 साल की उम्र में शुरू की थी नौकरी
मरियासौड़ में एक गरीब परिवार में जन्मे देव इंटरमीडिएट तक यहीं पढ़े। उन्होंने बताया कि 1998 में 20 साल की उम्र में वह दिल्ली नौकरी करने चले गए थे। वहां कुछ समय एक बिल्डर के पास नौकरी करने के बाद वह दिल्ली से मुंबई चले गए।
गांव के युवाओं को दे रहे रोजगार
शुरू से ही फिल्मों में काम करने का सपना देखते हुए उन्होंने सीरियल में काम करना शुरू किया। वर्ष 2005 में होटल के माध्यम से चीन जाने का मौका मिला तो उन्होंने उस मौके को अवसर में बदल दिया। उन्होंने होटल की चेन खोलकर क्षेत्र के 50 से अधिक युवाओं को भी रोजगार दिया। इसके साथ ही वह चिनी फिल्मों में काम पाने में सफल हो गए। अब तक वह करीब 35 फिल्मों में काम कर चुके हैं। जिससे वह चीन में काफी चर्चित चेहरा बन गए हैं।
चीनी पाठ्यक्रम में शामिल होगी देव के जीवन की कहानी
देव के जीवन संघर्ष की कहानी चीनी स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। देव के पिता जगदीश प्रसाद रतूड़ी को अपने चार बच्चों में दूसरे नंबर के बेटे देव की सफलता पर खासा गर्व है। पिता अपने गांव केमरियासौड़ में रहते है। उनकी मां चंखी देवी दका लगभग 10 साल पूर्व निधन हो चुका है।