दिव्यांगों की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अजय नंदन की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने एनआईईपीवीडी निदेशक डॉ. हिमांशु दास के साथ बैठक कर तमाम पहलुओं पर चर्चा की।
रेलवे स्टेशनों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाने की दिशा के पहले चरण में देहरादून रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईपीवीडी) के विशेषज्ञों की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी आधार पर रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगोंके लिए यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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तमाम पहलुओं पर चर्चा की
दिव्यांगों की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अजय नंदन की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने एनआईईपीवीडी निदेशक डॉ. हिमांशु दास के साथ बैठक कर तमाम पहलुओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान सहमति बनी कि संस्थान के विशेषज्ञों की समिति दिव्यांगों के लिए यात्री सुविधाओं का तकनीकी अध्ययन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
जिसमें रेलवे स्टेशनों पर तीन चरणों में कराए जाने वाले विकास कार्यों पर फोकस करना होगा। पहले चरण में स्टेशनों पर वे कार्य कराए जाएंगे जिनकी तत्काल जरूरत है। बैठक के दौरान निदेशक डॉ. हिमांशु दास ने कहा कि फिलहाल दून रेलवे स्टेशन को दिव्यांगों के लिए मॉडल स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाए।
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अगले चरण में ऋषिकेश से लेकर कर्णप्रयाग तक प्रस्तावित रेल परियोजना से जुड़े तमाम रेलवे स्टेशनों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाया जाए। बैठक के दौरान डीआरएम अजय नंदन ने रेलवे की ओर से दिव्यांग यात्रियों के लिए संचालित तमाम योजनाओं की जानकारी दी। रेलवे दिव्यांग यात्रियों के लिए हर संभव सुविधा मुहैया कराने को लेकर संकल्पबद्ध है।