दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में नौ यूनियनों के संयुक्त फोरम दो दिन हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसका असर राजधानी देहरादून सहित उत्तराखंड के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। कहीं-कहीं तो बैंक के साथ ही एटीएम भी बंद नजर आए।
सोमवार और मंगलवार को बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। विभिन्न संगठनों ने हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया है। इसी क्रम में सोमवार को बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक यूनियनों ने 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। फोरम ने सरकारी क्षेत्र के दो बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है।
पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ
इस साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था। केंद्र सरकार साल 2019 में पहले ही एलआईसी में आईडीबीआई बैंक का अधिकांश हिस्सा बेच चुकी है। इसके साथ ही पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ है।
यूएफबीयू में ये यूनियन शामिल हैं
यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉयज कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) शामिल हैं।
इसके अलावा इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयज फेडरेशन (आईएनबीईएफ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।