कोरोना महामारी के चलते बंद किए गए जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के द्वार मंगलवार से सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। कॉर्बेट पार्क मई में सैलानियों के लिए बंद कर दिया था। मंगलवार को वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बिजरानी गेट पर पर्यटकों का स्वागत कर पार्क में जंगल सफारी के लिए पर्यटकों को एंट्री दी।
कोरोना के चलते उत्तराखंड में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से प्रदेशभर के तमाम संरक्षित क्षेत्रों, राष्ट्रीय पार्क, वन्य जीव विहार, जू टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियों पर 29 जून तक लगाई गई थी।
अब तमाम क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर लगी रोक को वन विभाग ने हटा दिया है। इसके साथ ही फिल्म निर्माण, शोध आदि के कार्य भी पूर्व की भांति किए जा सकेंगे। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि इस दौरान कोविड संक्रमण से बचाव के तमाम उपायों का पालन किया जाएगा।
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उधर, पहले दिन कॉर्बेट पार्क में 500 से अधिक पर्यटकों ने भ्रमण किया। वहीं दूसरी तरफ पार्क खुलने से रामनगर में पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद जताई है। मंगलवार को वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बिजरानी गेट पर पर्यटकों का स्वागत किया। वन मंत्री ने कहा कि कॉर्बेट के ढेला, झिरना, बिजरानी, गर्जिया व पाखरो रेंज को डे विजिट के लिए खोला गया है। मानसून सीजन में पहली बार कॉर्बेट को खोला गया है। पर्यटकों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
लैंटाना को उखाड़कर तैयार किए जा रहे घास के मैदान
राजाजी टाइगर रिजर्व के ज्यादातर क्षेत्रों में उग आई लैंटाना घास टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों के साथ ही अधिकारियों की भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। लैटाना घास की अधिकता की वजह से वन्यजीवों के प्राकृतिक रहन-सहन पर असर पड़ रहा है। साथ ही वन्यजीव आबादी क्षेत्र में दाखिल हो रहे हैं।
इसेस मानव वन्यजीव संघर्ष की भी घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अभियान शुरू किया है। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि लैंटाना घास के उन्मूलन को लेकर कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कर्मचारियों की मदद से लैंटाना घास को काटने के बाद उन क्षेत्रों की ट्रैक्टर से जुताई की जा रही है। लैंटाना को निकालने के बाद वहां अच्छी प्रजातियों की घास लगाई जाएगी। ताकि लैंटाना से प्रभावित क्षेत्रों को चरागाह के रूप में विकसित किया जा सके।
बता दें, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के निर्देश पर संचालित किए जा रहे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राजाजी टाइगर रिजर्व और जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में लैंटाना के उन्मूलन को लेकर लगातार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। लैंटाना को उखाड़ने के साथ वहां नए सिरे से अत्याधुनिक प्रजातियों की घास लगाई जाएगी।