देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने आंदोलन तेज कर दिया है। तेज बारिश में मंदिर में नारेबाजी करते हुए उन्होंने सरकार के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने बोर्ड भंग करने की मांग करते हुए पुनर्निर्माण के नाम पर केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों के भवन/धर्मशालाओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
बुधवार को तेज बारिश व घने कोहरे के बीच केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने मंदिर परिसर में धरना दिया। कहा कि देवस्थानम बोर्ड उन्हें किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं है। यदि शासन-प्रशासन द्वारा इसे जबरन थोपा गया, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा कि बीते एक वर्ष से अधिक समय से चारधाम में देवस्थानम बोर्ड का विरोध किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार ध्यान नहीं दे रही है। एक तरफ कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ बोर्ड का विस्तार कर सरकार धामों पर कब्जे की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी हठधर्मिता से बोर्ड का गठन कर उत्तराखंड चारधाम की प्राचीन व्यवस्था को भंग किया है, जो माफी लायक नहीं है। उन्होंने केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए तीर्थपुरोहितों के भवन/धर्मशालाओं की नापजोख पर भी रोष जताया। कहा कि उन्हें बिना विश्वास में लिए बगैर केदारपुरी के भवनों की नापजोख करना उचित नहीं है। इस मौके पर तीर्थपुरोहित तेज प्रकाश, आचार्य संतोष त्रिवेदी, आचार्य संजय तिवारी, रमाकांत शर्मा, शशि अवस्थी, नवीन शुक्ला, रोशन त्रिवेदी, चमन लाल शुक्ला आदि मौजूद थे।