प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को किसान मुद्दे पर मैदान में उतारकर कांग्रेस ने यह जाहिर करने की भरपूर कोशिश की है कि उत्तराखंड में किसानों के सामने समस्याएं कम नहीं है।
किसान आंदोलन में हरियाणा के किसानों की भागीदारी बढ़ती जा रही है और इस वजह से कांग्रेस की भी हरियाणा पर निगाह है। ऐसे में दिल्ली में बुधवार को हरियाणा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष शैलजा को किसान मुद्दे पर मैदान में उतार कर यह साफ कर दिया।
दूसरी ओर दिल्ली में किसान मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को शामिल कर पार्टी पदाधिकारियों तक को हैरान कर दिया। पार्टी विश्लेषकों के मुताबिक पार्टी के स्तर से दिल्ली में यह संकेत देने की कोशिश भी है कि उत्तराखंड के किसानों के सामने समस्याएं हैं और उत्तराखंड का किसान भी इसमें शामिल है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा भी कि उत्तराखंड के किसानों को सरकारी मशीनरी के जरिये किसान आंदोलन में शामिल होने से रोका जा रहा है। दूसरी ओर प्रीतम सिंह ने किसान सम्मान निधि में लक्सर में सामने आए फर्जीवाड़े का भी जिक्र किया और कहा कि इस बात की गारंटी क्या है कि अन्य स्थानों पर इस तरह के मामले सामने नहीं आ रहे हैं।
प्रदेश में किसान आंदोलन का मुद्दा उठाती रही है कांग्रेस
ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड कांग्रेस सिर्फ दिल्ली में ही किसानों की समस्याओं पर बोली हो। इससे पहले गाजीपुुर बॉर्डर पर आयोजित किसानों की महापंचायत में भी प्रीतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर सहित अन्य नेता शामिल हुए थे। विधानसभा सत्र में भी कांग्रेस ने यह मुद्दा उठाया था।