मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में निर्माणाधीन लघु जल विद्युत परियोजनाओं के लिए एमएनआरआई से अनुदान हेतु नई नीति निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने रविवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके सिंह से भेंट की।
मुख्यमंत्री रावत ने केंद्रीय मंत्री सिंह को राज्य सरकार द्वारा हरित ऊर्जा क्षेत्र में सोलर एवं पाईन निडिल (पेरुल) परियोजनाओं को रोजगार सृजन के साथ जोड़कर बढ़ावा देने के बारे में बताया। कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए राज्य में स्थित समस्त अस्पताल एवं ऑक्सीजन प्लांट के विद्युत आपूर्ति हेतु विशेष ध्यान रखा गया है। सीएम रावत ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरणीय अनुकूल ऊर्जा विकास हेतु प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में लघु जल विद्युत परियोजनाओं के विकास एवं निर्माण के लिए एमएनआरई द्वारा अनुदान दिए जाने हेतु नई नीति/दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाने हेतु अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं जैसे 120 मेगावाट की उत्तराखंड राज्य की व्यासी परियोजना आदि के अत्यधिक ऊंचे टैरिफ के दृष्टिगत इन परियोजनाओं को प्रकरणवार आधार पर वाइबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि कद्दूखाल (श्रीनगर-रामपुरा -काशीपुर) ट्रांसमिशन लाईन के निर्माण हेतु केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण को संदर्भित किया जा चुका है।
उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को इसके शीघ्र क्रियान्वयन हेतु संबंधित विभाग को निर्देशित किए जाने हेतु भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ओपेक्स मोड में स्मार्ट मीटर एवं प्री-पेड मीटर लगवाने हेतु प्रस्तावित नई नीति के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने, जिनमें विशेष श्रेणी राज्यों को 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री से अनुरोध किया। केंद्रीय राज्यमंत्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने केंद्र से कोटद्वार के लिए मेडिकल कॉलेज मांगा है। रविवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज की मांग उठाई है। केंद्रीय मंत्री ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कुमाऊं मंडल में एम्स की शाखा खोलने और कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज खोलने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री की मांग पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
बता दें कि केंद्रीय पोषित योजना के तहत प्रदेश के हरिद्वार, रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र की ओर से प्रत्येक मेडिकल कालेज के लिए 325 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। हरिद्वार मेडिकल कालेज के 75 करोड़ राशि राज्य को जारी हो चुकी है। वहीं, कुमाऊं में एम्स की शाखा खुलने से मरीजों को उपचार के लिए ऋषिकेश नहीं आना पड़ेगा।