प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) की रोकथाम के लिए एम्फोरेसिन इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक है। राज्य को अब तक 18 हजार इंजेक्शन मिल चुके हैं। जल्द ही चार हजार इंजेक्शन और मिलेंगे। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाइफोसोमन के 400 से अधिक इंजेक्शन की मांग केंद्र को भेजी गई है।
प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिले में 279 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 44 मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए 15 हजार एम्फोरेसिन इंजेक्शन 27 मई को रुद्रपुर की फार्मा कंपनी से राज्य को मिले हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार से दूसरे स्लॉट में सात हजार इंजेक्शन की और अनुमति मिली थी। जिसमें तीन हजार इंजेक्शन मिल चुके हैं। जल्द ही बाकी इंजेक्शन भी उपलब्ध हो जाएंगे। लाइफोसोमन के 400 से अधिक इंजेक्शन की मांग केंद्र को भेजी गई है।
सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पांडे का कहना है कि वर्तमान में ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन है। सरकार की ओर से ब्लैक फंगस इलाज के लिए अधिकृत 12 अस्पतालों को इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।