लॉकडाउन अवधि में इन नियमों का पालन न करने पर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज करने का प्रावधान किया गया था। लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर घूमने, भीड़ एकत्रित होने पर प्रतिबंध था। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रदेश भर में मुकदमे दर्ज किए गए थे। मंत्रिपरिषद ने नियमों का उल्लंघन करने पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है।
वर्ष 2016 में त्रिवेंद्र सरकार ने प्रदेश में कई क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, इसका काफी विरोध हुआ था। कई विधायकों ने पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को नक्शा पास कराने में आ रहीं दिक्कतों को लेकर विधानसभा सदन में मामला उठाया था। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उपसमिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंपी दी थी, लेकिन अभी तक इस पर कार्यवाही नहीं की गई थी।
तीरथ सरकार ने पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2016 के बाद गठित विकास प्राधिकरणों में पूर्व की स्थिति रखने का फैसला लिया है। प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने की स्वीकृति का अधिकार स्थगित कर दिया गया। प्राधिकरणों पर सुझाव के लिए कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत की अध्यक्षता में उप समिति गठित की गई है, जिसमें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, अरविंद पांडे बतौर सदस्य होंगे।