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तीरथ कैबिनेट की पहली बैठक: उत्तराखंड में कोविड नियमों के उल्लंघन पर दर्ज मुकदमे होंगे वापस

Fri, 12 Mar 2021 09:50 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • नई मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में फैसला
  • 2016 के बाद गठित विकास प्राधिकरण में नक्शा पास कराने की बाध्यता खत्म
  • तीरथ सरकार की पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया फैसला
     
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तीरथ सिंह रावत की पहली कैबिनेट बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीरथ सरकार की पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में ही दो महत्वपूर्ण निर्णय लेकर लोगों को बड़ी राहत दी गई। लॉकडाउन के दौरान कोविड महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर दर्ज मुकदमों को सरकार वापस लेगी।

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बता दें कि पूरे प्रदेश में करीब 4500 लोगों पर ऐसे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं, 2016 के बाद प्रदेश में गठित विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। इन प्राधिकरणों में पहले की स्थिति रहेगी। समीक्षा के लिए कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत की अध्यक्षता में उपसमिति का गठन किया गया।

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शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने मंत्रिपरिषद में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से कोविड महामारी एक्ट व आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

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इनको लेकर दर्ज हुए थे मुकदमे

लॉकडाउन अवधि में इन नियमों का पालन न करने पर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज करने का प्रावधान किया गया था। लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर घूमने, भीड़ एकत्रित होने पर प्रतिबंध था। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रदेश भर में मुकदमे दर्ज किए गए थे। मंत्रिपरिषद ने नियमों का उल्लंघन करने पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है।

वर्ष 2016 में त्रिवेंद्र सरकार ने प्रदेश में कई क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, इसका काफी विरोध हुआ था। कई विधायकों ने पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को नक्शा पास कराने में आ रहीं दिक्कतों को लेकर विधानसभा सदन में मामला उठाया था। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उपसमिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंपी दी थी, लेकिन अभी तक इस पर कार्यवाही नहीं की गई थी।

तीरथ सरकार ने पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2016 के बाद गठित विकास प्राधिकरणों में पूर्व की स्थिति रखने का फैसला लिया है। प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने की स्वीकृति का अधिकार स्थगित कर दिया गया। प्राधिकरणों पर सुझाव के लिए कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत की अध्यक्षता में उप समिति गठित की गई है, जिसमें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, अरविंद पांडे बतौर सदस्य होंगे।
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