मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि राज्य को जो 975 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य मिला था, उसके सापेक्ष अब तक करीब 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जन सहभागिता को बढ़ाना होगा, इसमें जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
बैठक में जिलाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के हो रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। इससे पूर्व ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।
मिट्टी को बचाने के लिए पांच मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी को बचाने के लिए हमें पांच प्रमुख बातों पर ध्यान देना होगा। मिट्टी को रसायन मुक्त कैसे बनाएं। मिट्टी में प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में काम आने वाले जीव कैसे बचाएं। मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें। उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें। वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें।