डीएम ने बताया कि हमें कुछ ऐसी वीडियो प्राप्त हुई हैं, जिसमें ग्रामीण ऋषिगंगा के उद्गमस्थल के पास ग्लेशियर में दरारें पड़ने की संभावना जता रहे हैं। इस संबंध में शासन स्तर पर भी बात की गई है। प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र एक टीम भेजी जाएगी। यदि कुछ भी तथ्य सामने आते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि क्षेत्र में एनडीआरएफ की टीम भी ऋषि गंगा की आपदा के बाद से तैनात है। ग्रामीणों की सूचना पर आईटीबीपी व एसडीआरएफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया है।
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वहीं, ग्रामीण पूरण सिंह राणा ने ऋषिगंगा के उद्गम में ग्लेशियर पर अध्ययन करने और अध्ययन में सामने आने वाले तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की। जिससे ग्रामीणों को बार-बार अपने घर न छोड़ने पड़े।