केंद्र से करेंगे गाइडलाइन में बदलाव का अनुरोध
सचिव आपदा प्रबंधन डाॅ. सिन्हा ने कहा, उत्तराखंड आपदाओं वाला प्रदेश है। केंद्र सरकार से आपदा प्रबंधन से संबंधित गाइडलाइन में बदलाव का अनुरोध किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही वार्ता की जाएगी। इस बाबत उन्होंने सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने विशेषकर कृषि विभाग को आपदाओं के कारण फसलों की प्रोडेक्टिविटी लॉस के अध्ययन के निर्देश दिए हैं।
क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने को चाहिए 367 करोड़
प्रदेश में भारी बारिश से सबसे अधिक नुकसान सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से हुआ है। अब तक 2,749 सड़कें भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 63 पुलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुछ सरकारी भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। सड़कों, पुलों और भवनों को ठीक करने के लिए अब तक 36,742.85 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
हरिद्वार में हुआ फसलों का सबसे अधिक नुकसान
प्रदेश में भारी बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जलभराव के कारण 8582.28 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल बर्बाद हुई है। वहीं, 38.18 हेक्टेयर भूमि या तो बह गई है या भूस्खलन की चपेट में आकर बर्बाद हो गई है। सबसे अधिक नुकसान हरिद्वार में हुआ है। यहां 8507 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल बर्बाद हुई है।