निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में वनाग्नि से वन्यजीवों के साथ ही वन संपदाओं को हुए नुकसान का भी आकलन करेंगे। वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
वनाग्नि संभावित क्षेत्रों का भी अध्ययन करेंगे वैज्ञानिक
भारतीय वन सर्वेक्षण के विशेषज्ञों की टीमें वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को सेटेलाइट के जरिए चिह्नित करती हैं, लेकिन अब वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की टीमें भी वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों का अध्ययन करेंगी। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों की टीमें यह भी सुझाव देंगी कि संवेदनशील इलाकों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं।