पुलिस कर्मचारियों के 4600 ग्रेड पे की मांग के बीच प्रदेश मंत्रिमंडल ने सुनिश्चित कैरियर प्रमोशन (एसीपी) और वेतन विसंगति के मुद्दे पर एक कमेटी का गठन कर दिया है। पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडेय को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी के गठन पर कर्मचारी नेताओं की तल्ख प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसे छलावा करार दिया है और एसीपी की पुरानी व्यवस्था को लागू करने की मांग की है।
शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि पुलिस ग्रेड वेतन मामले पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति विचार कर रही है। अन्य विभागों के विभिन्न संवर्गों में एसीपी और वेतन विसंगति के मसले हैं। ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कैबिनेट में सुझाव दिया कि ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों के एसीपी के मसले हैं, इसलिए एक कमेटी बनाई जानी चाहिए।
उनके सुझाव पर पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष व वित्तीय मामलों के जानकार इंदु कुमार पांडेय की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। इस कमेटी में अपर सचिव अरुणेेंद्र सिंह चौहान, अनीता जोशी और अनुभाग सात के अपर सचिव को पदेन सदस्य सचिव बनाया गया है। बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद गठित वेतन विसंगति समिति के अध्यक्ष भी इंदु कुमार पांडेय थे।
कमेटी को तीन माह में देनी होगी रिपोर्ट
इंदु कुमार कमेटी तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। शासकीय प्रवक्ता उनियाल के मुताबिक, वैसे कमेटी को यथाशीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है। क्या कमेटी पुलिस ग्रेड पे वाले मामले पर भी रिपोर्ट देगी, इस प्रश्न के जवाब में उनियाल ने कहा कि वह सभी पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। पुलिस ग्रेड पे मामले में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति सबसे ऊपर है और वह अपने स्तर पर विचार कर रही है।
कमेटी का गठन कर्मचारियों से छलावा
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि कमेटी का गठन छलावा है। वेतन विसंगति समिति पूर्व में भी गठित हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसीपी की व्यवस्था खत्म करे और एसीपी की 10,16, 26 की पूर्व व्यवस्था को लागू करे। यह व्यवस्था जब यूपी सरकार में लागू हो सकती है तो उत्तराखंड में क्यों नहीं?