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विधायक पूरन फर्त्याल का मामला: फर्त्याल को अनुशासनहीनता का नोटिस, सात दिन में मांगा जवाब

Sat, 26 Sep 2020 04:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सत्र के दौरान विधायक के आचरण को सही नहीं मानते प्रदेश अध्यक्ष
  • बोले, वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर साफ करेंगे पार्टी का रुख
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : पीटीआई (file photo)
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विस्तार
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लोहाघाट से भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश महामंत्री व कार्यालय प्रभारी कुलदीप कुमार की ओर से जारी नोटिस में फर्त्याल को सात दिन में जवाब देने को कहा गया है। जवाब प्राप्त होने के बाद पार्टी आगे की कार्रवाई करेगी।

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प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पार्टी ने विधायक फर्त्याल के सार्वजनिक मंचों से की गई बयानबाजी का संज्ञान लिया है। उन्होंने फर्त्याल को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी। भगत ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है, जो आचरण विधायक की ओर से किया गया है, उस संबंध में उनसे पूछा गया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने फर्त्याल के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पार्टी फोरम से बाहर सार्वजनिक रूप से जो बयानबाजी की है, उससे सरकार और पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। कारण बताओ नोटिस में भी फर्त्याल के विधानसभा में नियम 58 के तहत कार्य स्थगन का प्रस्ताव लाए जाने पर एतराज जताया गया है।
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इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी माना गया है। पत्र में पार्टी के संविधान का धारा 25 घ व 25 च का जिक्र किया गया है। इन धाराओं के तहत पार्टी के मामले को मीडिया के सामने ले जाने व पार्टी की प्रतिष्ठा कम करने के उद्देश्य से काम करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

क्या है मामला

लोहाघाट विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का आरोप है कि सामरिक महत्व की टनकपुर-जौलजीवी सड़क के टेंडर में करोड़ों का घोटाला हुआ है। वे इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग पर इस प्रकरण में कई इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।

ठेकेदार का टेंडर भी निरस्त हो चुका है। सरकार के फैसले के खिलाफ ठेकेदार ने कोर्ट में गुहार लगाई। आर्बिट्रेटर ने ठेकेदार के पक्ष में फैसला दिया। सरकार को आदेश दिया कि वह ठेकेदार को करीब सात करोड़ रुपये भुगतान करे। सरकार ने चीन के साथ सीमा विवाद को देखते हुए सामरिक महत्व का तर्क दिया। कहा कि फैसले को अदालत में चुनौती देने से सड़क निर्माण का मामला लंबा खिंच जाएगा।

इसलिए ठेकेदार को यह काम दे दिया गया और उसने भी सरकार से धनराशि नहीं ली। लेकिन फर्त्याल इस पूरे मामले में गंभीर अनियमितता की शिकायत कर रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने पहले भी बयान दिया, जिस पर पार्टी ने उन्हें नोटिस जारी किया था। उन्हें सार्वजनिक मंच पर बयानबाजी न करने की हिदायत दी गई थी। लेकिन फर्त्याल चुप नहीं बैठे। उन्होंने विधानसभा सत्र में प्रकरण में कार्य स्थगन सूचना दे दी। साथ ही सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर सवाल खड़े किए। उनके इस रुख को पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया है।

पहले भी उठाया था मामला, नोटिस नहीं मेरी पीठ थपथपाई गई : फर्त्याल

भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने कहा कि विधायक होने के नाते उन्होंने विधानसभा में कार्य स्थगन की सूचना लगाई थी। इस मामले में डेढ़ साल पहले उन्होंने कार्य स्थगन की सूचना दी थी, तब ठेकेदार का टेंडर निरस्त हुआ, अधिकारी सस्पेंड हुए तब संगठन के लोगों ने मेरी पीठ थपथपाई। उस समय कोई नोटिस नहीं दिया गया। 

फर्त्याल ने कहा कि नियमों में कही ऐसा नहीं है कि सत्ता पक्ष का विधायक कार्य स्थगन की सूचना नहीं दे सकता है। पहले भी विधायक कार्य स्थगन की सूचना दे चुके हैं। वह मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बाद वह पार्टी को अपना जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है। इस मामले में 22 कर्मचारियों पर डेंट लगा है। इस पूरे मामले में लीपापोती हो रही है। नियम 58 के तहत मुझे नोटिस देते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
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मेरी लड़ाई व्यक्ति नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ, कमजोर नहीं होगी आवाज 

टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मोटर मार्ग पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के तेवर पहले की तरह तल्ख हैं। भाजपा आलाकमान की ओर से नोटिस दिए जाने की चर्चा के बीच उनके तेवर में कोई अंतर नहीं आया है।

अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए फर्त्याल ने कहा कि उन्हें अभी तक पार्टी की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद वह बेबाकी से जवाब देंगे। कहा कि वह नियम 58 के तहत 2019 में भी विधानसभा में सवाल उठा चुके हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज थमेगी नहीं, बल्कि और तेज होगी। 

लगातार दूसरी बार विधायक बने भाजपा नेता फर्त्याल ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति से प्रेरित है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से वह भाजपा की छवि को बेहतर कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) रोड पर लाभ लेने वाले पर कार्रवाई नहीं हो रही है लेकिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। इससे विरोधी दलों को अंगुली उठाने का मौका मिल रहा है। 

फर्त्याल की बेबाकी भविष्य की सियासत के संकेत

तीन साल से लटके टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर गतिरोध खत्म हो गया है लेकिन इस रोड को लेकर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर सियासत खत्म नहीं हुई है। इस मामले में असहज हुए भाजपा नेतृत्व ने लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को नोटिस दिया है। इस नोटिस के बाद के सियासी हालात चाहे जो भी हों, विधायक और पार्टी के बीच रिश्तों में बीते एक साल से कई बार तल्खी रही। 

विधायक फर्त्याल का भाजपा नेतृत्व से एक साल से कम समय में दूसरी बार टकराव हुआ है। टीजे रोड के दूसरे पैकेज में विधायक की दलील के उलट पुराने ठेकेदार को ठेका मिलने से भाजपा सरकार और विधायक के बीच तनातनी बनी हुई है। 23 सितंबर को हुए एक दिनी विधानसभा सत्र में उन्होंने इस मामले को नियम 58 में उठाने का प्रयास किया और अब भी फर्त्याल और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं के तेवर तीखे हैं। 

बेबाकी के लिए मशहूर विधायक का भाजपा नेतृत्व से पिछले साल अक्तूबर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लेकर भी विवाद रहा। उनके सार्वजनिक विरोध के चलते पिछले साल अक्तूबर में भाजपा को 72 घंटों के भीतर पहले घोषित प्रत्याशी को बदलने को मजबूर होना पड़ा। कुछ लोग विधायक के पार्टी से अलग राय को उनकी बेबाकी, तो कई राजनीतिक समीक्षक इसे उनकी भविष्य की राजनीति से जोड़ कर देख रहे हैं। दो बार जिला पंचायत सदस्य रहे फर्त्याल कुछ वक्त कांग्रेस में रहने के अलावा 2002 में बसपा से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। और 2005 से वह भाजपा में हैं।
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