मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अभिनंदन में सोमवार को भव्य बाइक रैली निकाली गई। राजधानी देहरादून में निकाली गई इस रैली में केवल दोपहिया वाहन में कार्यकर्ताओं ने ही प्रतिभाग किया।
रैली भाजपा महानगर कार्यालय से प्रदेश कार्यालय के लिए निकाली गई। इस दौरान दोपहिया वाहनों के आगे नाचते हुए कार्यकर्ता आगे बढ़े। वहीं रैली के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा प्रदश अध्यक्ष मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत व गणेश जोशी ट्रक पर सवार रहे। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। रैली की वजह से राजधानी के सड़कों पर कहीं-कहीं लंबा जाम भी लगा।
भाजपा की बाइक रैली को देखते हुए यातायात पुलिस ने रूटों में बदलाव किया गया। बाइक रैली का रूट निर्धारित करते हुए निजी और विक्रम व सिटी बसों के लिए रूट तय किए गए।
एसपी यातायात स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी थाना-चौकियों को भी निर्देशित किया गया। इसके अलावा आम जनता से भी अपील की गई है कि वह रूट देखकर ही घर से निकले और यातायात पुलिस का सहयोग करे।
बाइक रैली का रूट
परेड ग्राउंड भाजपा महानगर कार्यालय से शुरू होकर कनक चौक ओरिएंट चौक, दर्शनलाल चौक, तहसील चौक, प्रिंस चौक, रेसकोर्स चौक, सीएमआई चौक, आराघर चौक, सब्जी मंडी धर्मपुर, फव्वारा चौक होते हुए बलवीर रोड भाजपा प्रदेश कार्यालय पर समाप्त हुई।
समय:- सुबह 11.30 बजे से 12.30 बजे तक
- बाइक रैली के परेड ग्राउंड से शुरू होने से पहले प्रमुख चौराहों/तिराहों पर ड्यूटीरत कर्मियों द्वारा कम समय के लिए यातायात को रोका/डायवर्ट किया गया।
- लैंसडौन चौक पर यातायात का दबाव होने की स्थिति में दर्शनलाल चौक व बुद्धा चौक से संपूर्ण यातायात को घंटाघर व एमकेपी की ओर डायवर्ट किया गया।
विक्रम/मैजिक के लिए ट्रैफिक प्लान
- विक्रम/मैजिक वाहन रूट नंबर 03 पर चलने वाले विक्रम तहसील चौक तक आए, जहां से ये दून चौक से एमकेपी चौक होते हुए सीएमआई, धर्मपुर की तरफ जा सकेंगे व इनके तहसील चौक तक आने का रूट पूर्ववत ही रहा।
- विक्रम/मैजिक वाहन रूट नंबर 05 व 08 पर चलने वाले विक्रम रेलवे गेट से वापस भेजे गए।
- विक्रम/मैजिक वाहन रूट नंबर 02 पर चलने वाले सभी विक्रम पंत रोड स्थित विक्रम स्टैंड से संचालित नहीं हुए। ये सभी विक्रम कर्जन रोड से वापस भेजे गए।
- प्रेमनगर व कौलागढ़ रूट वाहन (विक्रम/मैजिक) रूट पर चलने वाले विक्रम/मैजिक प्रभात कट से वापस भेजे गए।