खुद भाजपा के ही विधायक अंदरखाने इसके विरोध में उतर आए। विरोध को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अपने कार्यकाल में ही जिला विकास प्राधिकरणों को स्थगित कर दिया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में जिला विकास प्राधिकरणों में नक्शे पास करने पर रोक के साथ ही इनके अस्तित्व को लेकर उप समिति बनाने का फैसला लिया था। बुधवार को जैसे ही शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने कुर्सी संभाली तो वह कैबिनेट के फैसले को लेकर एक्शन में नजर आए। उन्होंने सभी जिला विकास प्राधिकरणों में नक्शों की स्वीकृति पर रोक लगा दी।
इसके अलावा राज्यपाल से सहमति के बाद मंत्री बंशीधर भगत की अगुवाई में उप समिति गठन का आदेश भी जारी हो गया। इस उप समिति में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं। यह उप समिति 15 दिन के भीतर जिला विकास प्राधिकरणों पर अपनी सिफारिश शासन को उपलब्ध कराएगी। यह दोनों आदेश सचिव प्रभारी विनोद कुमार सुमन ने जारी किए।