उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में नदी के दोनों तरफ रिवर फ्रंट डवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। सुरक्षात्मक व सुविधाजनक निर्माण कार्यों को लेकर विशेषज्ञों के साथ सर्वेक्षण किया जा रहा है। जल्द ही पहले चरण के तहत प्रस्तावित कार्यो शुरू किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पर्यटन सचिव ने तप्तकुंड, ब्रह्म कपाल, नारद कुंड, सुग्रीव शिला, बदरीनाथ में अलनंदा नदी तटों, साकेत तिरहा, माणा चैराहा एवं आसपास विभिन्न स्थानों का विशेषज्ञों के साथ निरीक्षण कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
इस दौरान एसडीएम कुमकुम जोशीमठ, आईएनआई के कंसलटेंट धर्मेंश गंगानी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी वृजेंद्र पांडे, ईओ नगर पंचायत सुनील पुरोहित एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मास्टर प्लान में ये काम होंगे
बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत पहले चरण के तहत शेष नेत्र, बद्रीश झील का सौंदर्यीकरण, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, वनवे लूप रोड निर्माण, अस्पताल का विस्तारीकरण, बहुउद्देश्यीय और आगंतुक भवन का निर्माण कार्य किया जाएगा। दूसरे चरण में बदरीनाथ मुख्य मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास, तीसरे चरण में झील से मंदिर को जोड़ने का कार्य किया जाना है।