योग गुरु स्वामी रामदेव के एलोपैथी पर दिए विवादित बयान पर योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने शुक्रवार को फिर से सफाई दी है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव कोरोना में जान गंवा चुके चिकित्सकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे। कुछ लोग दुनिया में योग और आयुर्वेद को बढ़ता नहीं देखना चाहते हैं। उनकी ओर से ही स्वामी बाबा रामदेव को बदनाम करने के लिए प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वो मॉडर्न चिकित्सा पद्धति का सम्मान करते हैं। सभी सम्मानित चिकित्सक बंधु उनके भाई हैं। उनके प्रति पूरा सम्मान करते हैं। बालकृष्ण ने कहा कि हमारे साथ भी हजारों हजार चिकित्सक जुड़े हैं। एलोपैथी से जुड़े डॉक्टर पतंजलि में चिकित्सा के लिए आते हैं। आवश्यकता पड़ने पर वो भी मॉर्डन चिकित्सा पद्धति का सहयोग लेते ही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वामी बाबा रामदेव तो कोरोना से जान गंवाने वाले चिकित्सकों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। लेकिन उनकी संवेदना को उपहास के रूप में प्रस्तुत कर प्रोपेगेंडा फैलाने का प्रयास किया गया। आचार्य ने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रोपेगेंडा के खिलाफ आवाज बुलंद करें। इंटीग्रेटेड मेडिकल सिस्टम पर आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं परंपरा पर आश्रित चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाएं।
कोरोना काल में आयुर्वेद, एलोपैथी और योग का सामूहिक योगदान रहा है। ऐसे समय में इस पर विवाद करना उचित नहीं है। शुक्रवार को आईएमए ब्लड बैंक के सभागार में संस्कार परिवार की ओर से आयोजित कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह में वक्ताओं ने यह बात कही।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव डॉ. डीडी चौधरी ने बताया कि हर बीमारी में एलोपैथी का अपना योगदान होता है। स्वामी रामदेव को इस तरह के वक्तव्य देकर अनावश्यक रूप से विवाद पैदा नहीं करना चाहिए। यह समय महामारी से लड़ने का है न कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने का।
इससे पहले संस्कार परिवार के संस्थापक पंडित विपिन जोशी और दून योगपीठ देहरादून ने फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स, डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का सम्मान किया। उन्होंने कोरोना योद्धाओं को रुद्राक्ष माला, हर की पैड़ी हरिद्वार के पवित्र गंगा जल कलश, हरिद्वार महाकुंभ का प्रसाद, श्री रामचरित मानस और पुष्प माला भेंट की।
आचार्य विपिन जोशी ने मतभेद छोड़कर राष्ट्रीय आपदा में राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एक होकर खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार एलोपैथी, आयुर्वेद, योग आदि के समन्वय के साथ सभी का एक सूत्री लक्ष्य कोरोना का भारत और विश्व से खात्मा होना चाहिए। इस दौरान डॉ. कृष्ण अवतार ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम में डॉ. बीएस जज, डॉ. शशि उप्रेती, डॉ. संजय उप्रेती, डॉ. सिद्धार्थ खन्ना, डॉ. गौरव लूथरा, डॉ. सौरभ लूथरा, डॉ. अमित सिंह और मेडिकल स्टाफ से अजीत सिंह और सिस्टर विभूति को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कोरोना से जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि भी दी गई। इस दौरान डॉ. दीपक चौधरी, योगाचार्य विनय प्रकाश, राजीव अरोड़ा उपास्थित रहे।