वर्तमान में यह है बिजली की स्थिति
- राज्य पूल, यूजेवीएनएल से उपलब्ध बिजली: 8-10 मिलियन यूनिट
- केंद्रीय पूल, सभी स्त्रोतों से उपलब्ध बिजली: 18-20 मिलियन यूनिट
- राज्य व केंद्र से उपलब्ध कुल बिजली : 28-31 मिलियन यूनिट
- राज्य में बिजली की औसत मांग : 40 से 41 मिलियन यूनिट
- बिजली की रोजमर्रा की औसत कमी: 7-9 मिलियन यूनिट
- टेंडर के माध्यम से खरीदी जा रही बिजली: 6 से 7 मिलियन यूनिट
- इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से रोजाना खरीदी जा रही बिजली : 1-3 मिलियन यूनिट
गैस आधारित बिजली संयंत्र भी चलेंगे
ऊर्जा संकट के बीच गैस आधारित बिजली संयंत्रों पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने मंगलवार को बैठक ली। बैठक में उत्तराखंड से भी सचिव ऊर्जा, यूपीसीएल के एमडी सहित तमाम अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य अपने स्तर से गैस आधारित ऊर्जा संयंत्र चला सकते हैं लेकिन इसके लिए केंद्र कोई अलग से सब्सिडी नहीं देगा। ऐसे में काशीपुर के दो गैस आधारित संयंत्रों (एक 214 और दूसरा 107 मेगावाट) के जल्द चलने की संभावना है। यह संयंत्र रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद गैस के दाम बढ़ने की वजह से बंद हो गए थे। अगर अब संयंत्र चलते हैं तो इससे राज्य को 321 मेगावाट बिजली और मिल जाएगी। यह बिजली किस रेट पर मिलेगी, यह नियामक आयोग तय करेगा।