यशपाल आर्य ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि शनिवार को बाजपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने अपने बेटे संजीव आर्य, हरेंद्र सिंह लाडी के साथ जा रहे थे। इसी बीच श्मशान घाट के सामने कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी गाड़ी को लाठी डंडों और तलवारों के बल पर रोक लिया। स्थिति को देखते हुए उन्होंने और उनके बेटे संजीव आर्य ने समझाने की कोशिश की जिस पर हमलावरों ने लाठी डंडों से हमला कर दिया, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। एएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि तहरीर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रवीन कांबोज, विक्की सरना, बाबा पिंटू, जसविंदर सिंह, सुरजन सिंह, रजनीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, रविंदर सिंह, सोनू सिंह, जसविंदर खंबारी, निर्मल सिंह, हरजिंदर सिंह के खिलाफ धारा 147, 148, 323, 504, एससी/एसटी अधिनियम के तहत मुकदममा दर्ज किया गया है।
हंगामे के चलते मुख्य मार्ग पर लगा जाम
यशपाल आर्य और संजीव आर्य के काफिले पर हमले की घटना से मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। दोपहर करीब एक बजे स्कूलों की छुट्टी होने पर स्कूली बच्चों की बसें, यात्री बसें सहित अन्य वाहन जाम में फंस गए। करीब एक किमी तक वाहनों की कतार लग गई। पुलिस प्रशासन ने मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। घटना को लेकर गदरपुर, केलाखेड़ा, आईटीआई काशीपुर सहित आसपास थानों से फोर्स बुलाई गई। एएसपी प्रमोद कुमार ने आते ही कमान संभाल ली।
घटना को लेकर हो गया बाजार बंद
कांग्रेस नेता अविनाश शर्मा के अनुरोध कर मुख्य मार्ग पर सांकेतिक रूप से बाजार बंद हो गया। हालांकि धरना समाप्त होने के बाद बाजार खुल गया। इधर मुख्य मार्ग पर हिंसात्मक विरोध को लेकर देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष सिंह स्वरूप भारती, उशांत सब्बरवाल सहित अन्य व्यापारियों ने रोष जताया। पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, जिला सहकारी बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष समीर पाठक ने सरेआम की गई गुंडागर्दी की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच बाजपुर सीओ वंदना वर्मा को सौंपी गई है। जांच में तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रमोद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक काशीपुर सर्किल