फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड विधानसभा सत्र: सतत विकास के लिए गढ़े तीन मंत्र... सरलीकरण, समाधान और निपटारा

Sat, 28 Aug 2021 10:07 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सत्र के छठे दिन शनिवार को सदन में सतत विकास लक्ष्य पर चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास में किए जाने वाले कार्यों के लिए जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर सरकार का फोकस है।
विज्ञापन
विधानसभा सत्र के लिए जाते सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विधानसभा में राज्य के सतत विकास के लिए अपनी सरकार के तीन मंत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि राज्य के सतत विकास पर सरकार सरलीकरण, समाधान और निपटारा पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान होना चाहिए।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सीएम पद की शपथ लेने के बाद मैं स्वयं 500 फाइलों पर भी हस्ताक्षर करने से पीछे नहीं हटा। 114 करोड़ की लागत से केदारनाथ पुनर्निर्माण के दूसरे चरण के काम जल्द शुरू किए जाएंगे। जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी से कराया जाएगा। सत्र के छठे दिन शनिवार को सदन में सतत विकास लक्ष्य पर चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास में किए जाने वाले कार्यों के लिए जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर सरकार का फोकस है।

पत्रावलियों में गलती से कुछ लिखा जाता है तो फाइल को वापस लौटाना पड़ता है। जिस पर अनावश्यक समय लगता है। लोगों की समस्याओं की सुनवाई कर अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को 10 से 12 बजे तक कार्यालय में रह कर लोगों की समस्याओं की सुनवाई करने के निर्देश दिए। समस्याओं के समाधान के लिए तहसील दिवस को दोबारा से शुरू करेंगे। कई बार समस्या का समाधान तो हो जाता है, लेकिन मानसिकता काम करने की नहीं होती है। इसके लिए 10 कारण बताए जाते हैं। लेकिन तहसील, ब्लाक और जिला स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। 
विज्ञापन


कोविड वैक्सीनेशन को लेकर भ्रमित करने वाले अपराधी
सीएम ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को भ्रमित करने वालों को मैं अपराधी मानता हूं। बहकावे में न आकर लोग जागरूक होकर वैक्सीन लगवा रहे हैं। प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। बागेश्वर व रुद्रप्रयाग जिले में सौ प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। जबकि पौड़ी के खिरर्सू ब्लाक में 100 प्रतिशत टीकाकरण किया गया। इस माह केंद्र सरकार से 20 लाख से ज्यादा वैक्सीन मिली है।

सड़कें गड्ढा मुक्त करने का काम 15 से
सीएम ने कहा कि बारिश से प्रदेश भर में सड़कें काफी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 15 सितंबर तक सभी सड़कों की मरम्मत कराने के लिए डीपीआर व टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिसके बाद सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम शुरू किया जाएगा। 

उत्तराखंड विस सत्र: सरकारी महाविद्यालयों के एक लाख छात्रों को टैबलेट देगी सरकार, सीएम धामी ने की कई घोषणाएं


सामूहिक सहभागिता से दूर होगी बेरोजगारी
सीएम ने कहा कि बेेेरोजगारी गंभीर समस्या है। सामूहिक सहभागिता से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। प्रदेश में 22 हजार पदों पर नौकरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार की ओर से यदि और पद बढ़ाए भी जाते हैं तो भी समस्या दूर नहीं होगी। प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या लाखों में है।

पूरे होंगे सभी कार्य
सीएम ने कहा कि सरकार जो घोषणाएं करेगी, उनका शिलान्यास भी किया जाएगा। समयबद्ध तरीके से वह काम पूरे भी होंगे। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं सरकार के स्तर पर की जा रही हैं, उनका लोकार्पण जल्द से जल्द किया जाए, सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है।

सतत विकास लक्ष्यों पर आज का दिन ऐतिहासिक रहा। उत्तरप्रदेश के बाद उत्तराखंड विधानसभा देश की दूसरी विधानसभा है, जिसने सत्र के दौरान पूरी एक दिवस की बैठक सतत विकास लक्ष्यों को समर्पित की। मैं सदस्यों का आभारी हूं कि उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
- प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड
विज्ञापन

28 घंटे 22 मिनट तक चला पांच दिवसीय सत्र

उत्तराखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 28 घंटे 22 मिनट तक चला। निर्धारित पांच दिन के उपवेशन की समाप्ति पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई की जानकारी दी। उपवेशन की समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि पहले दिन छह घंटे 19 मिनट, दूसरे दिन छह घंटे 23 मिनट, तीसरे दिन छह घंटे 45 मिनट, चौथे दिन 32 मिनट के व्यवधान के साथ करीब तीन घंटे और पांचवें दिन पांच घंटे तक मिलाकर सदन कुल 28 घंटे और 22 मिनट तक चला। 

उन्होंने कहा कि सदन की अधिकांश कार्रवाई हास-परिहास के माध्यम से सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विपक्ष एवं पक्ष के सभी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेशहित व जनहित के अनेक विषयों पर सदन में दोनों दलों द्वारा शांतिपूर्वक गंभीर चिंतन-मनन किया गया। सत्र के दौरान विधान सभा को 789 प्रश्न प्राप्त हुए, जिसमें स्वीकार 27 अल्पसूचित प्रश्न में 8 उत्तरित, 197 तारांकित प्रश्न में 59 उत्तरित, 496 आताराकिंत प्रश्न में 267 उत्तरित किए गए।

कुल 64 प्रश्न अस्वीकार एवं पांच विचाराधीन रखे गए। 23 याचिकाओं में से सभी याचिका स्वीकृत की गई। वहीं, नियम 300 में प्राप्त 108 सूचनाओं में से 21 सूचनाएं स्वीकृत, 25 सूचनाएं ध्यानाकर्षण के लिए, नियम-53 में 70 सूचनाओं में छह स्वीकृत एवं 21 ध्यानाकर्षण के लिए रखी गई।

नियम-58 में प्राप्त 22 सूचनाओं में 20 को स्वीकृत किया गया। नियम-299 में दो सूचना प्राप्त हुई, जो कि स्वीकृत की गई। आठ  विधेयक सदन के पटल से पारित हुए, जिनमें उत्तराखंड विनियोग (2021-22 का अनुपूरक) विधेयक, आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021, डीआईटी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021, उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2021, हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021, उत्तराखंड फल पौधशाला (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2021, उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरणों हेतु विशेष प्राविधान (संशोधन) विधेयक 2021, दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (डीआईएमएस) विश्वविद्यालय (संशोधन) 2021 शामिल हैं। इसके अलावा दो असरकारी विधेयक (प्राइवेट बिल) सदन के पटल पर रखे गए, जो पटल से अस्वीकार किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान 25वीं बार ऐसा हुआ कि सदन के भीतर प्रश्नकाल में सदस्यों द्वारा पूछे गए सभी तारांकित प्रश्न निश्चित समायावधि (एक घंटा 20 मिनट) में उत्तरित हुए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें