एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने कहा कि घटना पॉक्सो एक्ट से जुड़ी है। यह शर्मनाक और घिनौनी हरकत है। कुछ लोगों ने छेड़खानी का वीडियो बनाया है। सोशल मीडिया पर इस प्रकार का वीडियो वायरल करना अपराध है। यदि कोई भी व्यक्ति बच्ची का वीडियो वायरल करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक पुलिस अधिकारी और सीपीयू के दरोगा पर भी लग चुके हैं दुष्कर्म के आरोप
नैनीताल जिले में पहले भी एक पुलिस अधिकारी और सीपीयू के दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप लग चुके हैं। दरोगा को जांच के दौरान निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही करीब नौ साल पहले एक पुलिस अधिकारी पर भी युवती ने दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
आरोप उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद कई सालों तक जांच की गई। आरोप के चलते अधिकारी का तबादला कर दिया गया था। युवती न्याय के लिए प्रदेश के कई अधिकारियों से गुहार लगाती रही। 2016 में सीपीयू के दरोगा नरेश भौर्याल के खिलाफ एक शिक्षिका ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में कार्रवाई को लेकर कई संगठनों ने प्रदर्शन किया था। दरोगा को अदालत के समक्ष समर्पण करना पड़ा था। हालांकि, जेल जाने के बाद दरोगा ने युवती से समझौता कर लिया था।