25 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था
चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और बस 500 मीटर खाई में जा गिरी। बस खाई में गिरी है इसका पता भी वहां से गुजर रहे एक वाहन स्वामी ने पुलिस को दी। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने 25 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे में कुल 33 लोग मारे गए जबकि 20 घायल हुए।
बस ओवरलोड थी
हादसे की जांच बैठी और अक्तूबर 2022 में रिपोर्ट आई। पता चला कि बस ओवरलोड थी। यही एक कारण नहीं था बल्कि बस चालक निर्धारित गति से अधिक पर बस चला रहा था। यह भी इसकी मुख्य वजह बनी। लालढांग से लेकर धूमाकोट तक करीब 11 बैरियर और चेक प्वाइंट पड़े, लेकिन इस बस की कहीं भी चेकिंग नहीं की गई।